Lockdown: ब्राजील से जरूरतमंदों को पहुंचा रहे राशन, खुद ऊना आने को तरसे अजय
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...अजय का जिस्म विदेश पर रूह देश में है। भाग्य का खेल देखिए न तो उसके हिस्से में घर वापसी है और न ही देश में प्रवेश। ब्राजील में पिछले डेढ़ माह से फंसे ऊना जिले के युवा कैप्टन अजय ठाकुर अपनी संस्था कल्पवृक्ष फाउंडेशन के माध्यम से जिले में अब तक करीब 25 क्विंटल राशन, 500 लीटर से अधिक रिफाइंड और अन्य सामग्री बांट चुके हैं, लेकिन उनके हिस्से में अभी तक देश से दूरी लिखी है।
विदेशों में ऐसे हजारों लोग फंसे हैं, जो स्वदेश वापसी की राह देख रहे हैं। अजय ने अब ट्वीट के माध्यम से पीएम मोदी से विदेश में फंसे लोगों की स्वदेश वापसी की गुहार लगाई है। उनके इस ट्वीट को हजारों लोग रि-ट्वीट कर चुके हैं। कोरोना काल के बीच भारत में गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद को यहां रह रहे भारतीय ही नहीं, बल्कि विदेशों में फंसे लोग भी मदद भेज रहे हैं।
जब असहायों की मदद करने वाला ही खुद लाचार हो जाए तो व्यवस्था पर सवाल उठने लाजमी हैं। हालांकि, कोरोना की रोकथाम के बीच देश भर में लॉकडाउन के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद हैं, लेकिन अन्य देशों ने विदेशों में फंसे अपने नागरिकों को स्वदेश लाने की मुहिम शुरू कर दी है। ऐसे में अब सात समंदर पार फंसे भारतीयों की भी बेताबी बढ़ गई है।
अजय ने मन की बात में पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन को साझा करते हुए कहा कि आज उनका अपना ही देश उन्हें घर आने की इजाजत नहीं दे रहा है। छोटे-छोटे देशों ने अपने नागरिकों को स्वदेश वापस बुला लिया है। उन्होंने कहा कि वह वापसी के लिए सरकार से केवल उड़ानों की अनुमति चाहते हैं।