ट्रेन हादसे ने लील लिया देवभूमि का बेटा, सात माह पहले बना था लेफ्टिनेंट
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कानपुर ट्रेन हादसे में हिमाचल के मंडी जिले के सरकाघाट के भरनाल कोलणी गांव के लेफ्टिनेंट नरेंद्र कुमार (24) की मौत हो गई है। नरेंद्र सात माह पहले ही आईएमए देहरादून से पास आउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बना था। इन दिनों 25 ग्रेनेडियर बटालियन में अवेरी में तैनात था।
रविवार को सेना के काम से ही इंदौर-पटना एक्सप्रेस से अपने कुछ साथियों के साथ लखनऊ जा रहा था। नरेंद्र कुमार की अंतिम बार अपने बड़े भाई संजीव कुमार के साथ बात हुई थी। हादसे के बाद से उसका फोन बंद आ रहा है। नरेंद्र के चाचा अमी चंद व भाई संजीव कुमार ने हेल्पलाइन पर फोन किया तो उनके पांव तले जमीन खिसक गई।
दोनों कानपुर पहुंच गए हैं। उन्होंने इसकी सूचना पंचायत उप प्रधान राजेंद्र ठाकुर को दी। उन्होंने बताया कि नरेंद्र के शव को सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है। विमान से शव को चंडीगढ़ लाया जाएगा। मंगलवार तक नरेंद्र कुमार का शव कोलणी गांव पहुंचने की उम्मीद है।
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नरेंद्र ठाकुर की मौत से उसकी माता मीरा देवी, पिता मिलखी राम, दादा फरंती राम, दादी दीपा देवी और पूरा क्षेत्र सदमे में हैं। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है जबकि नरेंद्र और उसका भाई संजीव अविवाहित हैं। दोनों भाई मिलकर नया घर बना रहे थे। उसके बाद ही शादी करना चाहते थे।
नरेंद्र करीब एक महीना पहले ही छुट्टी काटकर लौटा था। नरेंद्र की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोलणी से हुई थी। उसके पश्चात बी टेक की शिक्षा पंजाब के लोंगोवाल से की। सरकाघाट के विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने लेफ्टिनेंट नरेंद्र कुमार की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया।