फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   lieutenant Bheem Bhadur struggle story

मामूली किसान का बेटा बना सेना में लेफ्टिनेंट

Mon, 11 Aug 2014 11:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भोजनगर (सोलन)
ब्यूरो/अमर उजाला, भोजनगर (सोलन) Updated Mon, 11 Aug 2014 11:38 PM IST
विज्ञापन
lieutenant Bheem Bhadur struggle story

'लेफ्टिनेंट बनने के लिए 8 से 10 घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की। इसकी बदौलत मैं लेफ्टिनेंट बन सका हैं। सिपाही के पद पर सेना में भर्ती हुआ था। आगे भी मैंने पढ़ाई जारी रखी। उसके बाद सेना के जरिये टेस्ट दिया और सफलता हासिल की।'

विज्ञापन


ये कहना है भीम बहादुर का जो सेना में लेफ्टिनेंट के पर तैनात हैं। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है। साथ ही अपने आला अफसरों के सहयोग का आभार जताया है।
विज्ञापन


टमाटर की खेती कर परिवार का पेट पालने वाले मामूली किसान का बेटा सेना में लेफ्टिनेंट बनेगा। सोलन के भोजनगर के 31 वर्षीय भीम बहादुर ने अपने पिता का यह सपना साकार कर दिखाया है। वर्तमान में 4 गोरखा राइफल सुबाथू में वह सिपाही के पद पर तैनात हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भोजनगर से की है। उनके पिता खेतीबाड़ी करते हैं। बड़े भाई मनी बहादुर सेना में नायब सूबेदार के पद पर हैं। उन्होंने बताया कि एक जनवरी से वह ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी ग्वालियर में ट्रेनिंग के लिए जाएंगे।


भीम बहादुर के लेफ्टिनेंट बनने पर पंचायत भोजनगर की प्रधान मीना वर्मा और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजनगर के प्रधानाचार्य जगदीश चंद ने उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed