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रसीले आम और मीठी चेरी से महंगा हुआ खट्टा नींबू
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इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक है नींबू, मद्रास से शिमला पहुंच रहा नींबू, बाजार में मांग अधिक
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कोरोना से लड़ने और गर्मी से राहत दिलाने में नींबू मददगार तो साबित हो रहा है, लेकिन इसकी बढ़ती कीमतों ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। नींबू ने चेरी और आम के दामों को भी पीछे छोड़ दिया है। बुधवार को सब्जी मंडी में नींबू के थोक भाव 150 रुपये प्रति किलो रहे। इसके अलावा बाजार में नींबू 250 रुपये किलो बिका। वहीं आम के थोक भाव में 90 से 100 रुपये और चेरी के दाम भी 150 रुपये प्रतिकिलो तक है।
उपनगरों की कई दुकानों से तो नींबू गायब हो गया है। महंगा होने के कारण लोग इसे नहीं खरीद रहे, इसलिए दुकानदारों ने नींबू रखना ही बंद कर दिया है। दो माह से नींबू की कीमतें आसमान छू रही हैं। पहले नींबू के दाम 30 से 40 रुपये किलो थे। लेकिन इस बार नींबू के दाम पांच गुना अधिक हो गए हैं। इसका कारण गर्मियां समय से पहले शुरू होना भी माना जा रहा है। इसके अलावा इन दिनों बाजार में नींबू, आंवला और संतरा की कमी को भी पूरा कर रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक रोजाना नींबू-पानी पीने से न केवल कोरोना बल्कि कई अन्य बीमारियों से भी बचाव हो सकता है। नींबू में विटामिन सी होता है। नींबू इम्यूनिटी बूस्टर का काम करता है। इसकी वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इससे लोगों को कोरोना से लड़ने की ताकत मिलती है। इससे नींबू की मांग बढ़ने से इसके दाम भी अधिक हैं।
महंगा होने के कारण नहीं खरीद पा रहे नींबू
साहिल, आकृति, नेहा, मोनिका और शुभम ने बताया कि महंगा होने के कारण वह ज्यादा नींबू नहीं खरीद पा रहे। हर रोज सुबह खाली पेट नींबू का सेवन करना लाभकारी है। दिन में दो ग्लास नींबू पानी पीने से संक्रमण से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है।
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सब्जी मंडी के व्यापारी राकेश भाटिया के मुताबिक मद्रास से नींबू मंडी में पहुंच रहा है। नींबू की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी पहली बार हुई है। बाजार में नींबू की मांग काफी है और हाथों हाथ बिक रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कोरोना से लड़ने और गर्मी से राहत दिलाने में नींबू मददगार तो साबित हो रहा है, लेकिन इसकी बढ़ती कीमतों ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। नींबू ने चेरी और आम के दामों को भी पीछे छोड़ दिया है। बुधवार को सब्जी मंडी में नींबू के थोक भाव 150 रुपये प्रति किलो रहे। इसके अलावा बाजार में नींबू 250 रुपये किलो बिका। वहीं आम के थोक भाव में 90 से 100 रुपये और चेरी के दाम भी 150 रुपये प्रतिकिलो तक है।
उपनगरों की कई दुकानों से तो नींबू गायब हो गया है। महंगा होने के कारण लोग इसे नहीं खरीद रहे, इसलिए दुकानदारों ने नींबू रखना ही बंद कर दिया है। दो माह से नींबू की कीमतें आसमान छू रही हैं। पहले नींबू के दाम 30 से 40 रुपये किलो थे। लेकिन इस बार नींबू के दाम पांच गुना अधिक हो गए हैं। इसका कारण गर्मियां समय से पहले शुरू होना भी माना जा रहा है। इसके अलावा इन दिनों बाजार में नींबू, आंवला और संतरा की कमी को भी पूरा कर रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक रोजाना नींबू-पानी पीने से न केवल कोरोना बल्कि कई अन्य बीमारियों से भी बचाव हो सकता है। नींबू में विटामिन सी होता है। नींबू इम्यूनिटी बूस्टर का काम करता है। इसकी वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इससे लोगों को कोरोना से लड़ने की ताकत मिलती है। इससे नींबू की मांग बढ़ने से इसके दाम भी अधिक हैं।
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महंगा होने के कारण नहीं खरीद पा रहे नींबू
साहिल, आकृति, नेहा, मोनिका और शुभम ने बताया कि महंगा होने के कारण वह ज्यादा नींबू नहीं खरीद पा रहे। हर रोज सुबह खाली पेट नींबू का सेवन करना लाभकारी है। दिन में दो ग्लास नींबू पानी पीने से संक्रमण से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है।
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सब्जी मंडी के व्यापारी राकेश भाटिया के मुताबिक मद्रास से नींबू मंडी में पहुंच रहा है। नींबू की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी पहली बार हुई है। बाजार में नींबू की मांग काफी है और हाथों हाथ बिक रहा है।