'सुक्खू क्या हटाएंगे, मैं खुद करती हूं इस्तीफे का ऐलान'
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हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को महिला विरोधी बताकर कांगड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन वर्मा ने इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने सुक्खू की शिकायत करने और त्याग पत्र सौंपने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने का समय भी मांग लिया है। सुमन बीते सोमवार को चार जिलों की कार्यकारिणी भंग करने से खफा हैं।
प्रदेश कांग्रेस ने हालांकि चारों जिलों के अध्यक्षों को बरकरार रखा है लेकिन मंगलवार मीडिया से रूबरू होकर सुमन ने कहा कि वे खुद अध्यक्ष पद से त्यागपत्र का ऐलान करती हैं। सुमन ने कहा कि कार्यकारिणी भंग करने से पहले उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया।
सुक्खू ले रहे हैं एकतरफा फैसले
उन्होंने कहा कि सुक्खू के एकतरफा फैसलों से वह खुद को उपेक्षित महसूस कर रही हैं। सुक्खू जब से प्रदेश अध्यक्ष बने हैं, तब से कांगड़ा के टुकड़े करने में जुटे हैं। पहले संगठनात्मक जिलों के नाम पर और अब कार्यकारिणी भंग करके कांगड़ा को तोड़ा गया। न पहले उनकी राय ली और न अब। सुमन ने कहा कि लोकसभा चुनाव में हार का ठीकरा कई ब्लॉक अध्यक्षों पर फोड़ा गया।
उन्हें पद से हटा दिया। लेकिन कांगड़ा में बने संगठनात्मक जिलों में उन्हीं पूर्व अध्यक्षों को नियुक्ति दे दी गई। अब संगठन के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। ऐसे वक्त में कांगड़ा कार्यकारिणी को भंग करने का औचित्य उनकी समझ से परे है। सुमन के साथ महासचिव मनोज मेहता, उपाध्यक्ष रोशन लाल खन्ना, अजय वर्मा, संजीव गुप्ता, विनय गर्ग, कुलदीप चौधरी आदि मौजूद रहे।