लारजी डैम ने फिर बजाई खतरे की घंटी!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाल ही में हैदराबाद के 24 छात्रों की मौत का कारण बने लारजी डैम ने एक बार खतरे की घंटी बजा दी है। इस बार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जोरदार बारिश से ब्यास नदी का बहाव तेज होने कारण लारजी डैम का जलस्तर बढ़ गया।
इससे औट में नदी के तटीय क्षेत्र पर बसे कई लोगों के घरों के आंगन तक पानी पहुंच गया। बुधवार को ब्यास नदी के ऊपर औट-बंजार को जोड़ने वाले पुराने स्टील ब्रिज तक भी पानी पहुंच गया।
घरों तक पानी घुसने से लोगों की नींद हराम हो गई है। देर रात से हो रही बारिश के चलते बुधवार को लारजी बांध का जलस्तर बढ़ गया। इससे स्थानीय लोग बुरी तरह से डरे हुए हैं।
प्रशासन ने किया मौके का दौरा
औट निवासी अमर सिंह, हेम राज, केसरी लाल, शशि कुमार, हरदीप कौर के घरों में पानी घुस गया है। घरों तक डैम का पानी पहुंचने पर प्रशासन की ओर नायब तहसीलदार औट हीरा चंद नलवा और पटवारी हलका औट दीनानाथ ने मौके का दौरा किया।
स्थानीय निवासी यादविंद्र शर्मा, मनोज कुमार, रविंद्र कुमार, कुलदीप कुमार, शशि कुमार और नरेंद्र हांडा का कहना है औट में डैम का जलस्तर बढ़ने पर खतरे का निशान नहीं लगा है।
मांग की डैम के किनारे रिहायशी वाले स्थानों पर खतरे के निशान लगाए जाएं। पंचायत की ओर से 26 जून का इस बारे में लारजी प्रबंधन को पत्र दिया था। लारजी परियोजना के एसडीओ बलवीर सिंह ने बताया कि बुधबार सुबह लारजी बांध में पानी का लेबल 969.10 मीटर था। सीपेज की वजह से पानी ने रास्ता बदल दिया है।
इस कारण झील से सटे मकानों में पानी भरा है। लोगों की मांग और सुरक्षा को देखते हुए परियोजना बांध का जल 967.5 से 968.0 के बीच मेंटेन किया जाएगा।