{"_id":"615ab29e8ebc3e624a3ebaab","slug":"landslide-early-warning-system-will-be-set-up-by-it-department-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"कवायद: भूस्खलन से बचने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम बनाने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कवायद: भूस्खलन से बचने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम बनाने की तैयारी
Mon, 04 Oct 2021 01:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 04 Oct 2021 01:24 PM IST
सार
अर्ली वार्निंग सिस्टम की मदद से भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में किसी भी अन्य आपदा की तरह पूर्व में चेतावनी जारी की जा सकेगी।
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भूस्खलन की घटनाओं और उससे हो रहे जानमाल के नुकसान को देखते हुए सरकार ने अब अर्ली वार्निंग सिस्टम बनाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए हाल ही में मुख्य सचिव राम सुभग सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक हुई है।
विज्ञापन
इसमें राष्ट्रीय स्तर के भूवैज्ञानिकों के अलावा हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रबंधन सेल और पर्यावरण एवं विज्ञान विभाग के अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक के दौरान पिछले कुछ समय में किन्नौर से लेकर शिमला, कुल्लू और चंबा में हुई भूस्खलन की घटनाओं और उनके हुए नुकसान पर चर्चा की गई।
विज्ञापन
तय हुआ कि एक अर्ली वार्निंग सिस्टम तैयार किया जाएगा। इसकी मदद से भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में किसी भी अन्य आपदा की तरह पूर्व में चेतावनी जारी की जा सके। इससे न सिर्फ जानमाल के नुकसान को बचाया जा सकेगा। साथ ही विभिन्न तरह के विकास कार्यों के लिए जब भी कहीं पहाड़ की कटिंग की जाएगी, उस समय भी आपदा प्रबंधन सेल के इस सिस्टम की मदद ली जाएगी।
विज्ञापन
फिलहाल, इसके लिए आपदा प्रबंधन सेल के निदेशक डॉ. सुदेश कुमार मोक्टा को एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इस पर आईटी विभाग के साथ मिलकर एक सिस्टम तैयार करने की कवायद शुरू की जाएगी।