{"_id":"5b5f25234f1c1ba61f8b5f8c","slug":"landslide-alert-system-saved-lives-of-villagers-at-mandi-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":" लैंडस्लाइड अलर्ट सिस्टम ने ऐसे बचाई ग्रामीणों की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लैंडस्लाइड अलर्ट सिस्टम ने ऐसे बचाई ग्रामीणों की जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पधर (मंडी)
Updated Tue, 31 Jul 2018 09:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईआईटी कमांद के लैंडस्लाइड अलर्ट सिस्टम ने सोमवार दोपहर को ग्रामीणों की जान बचा ली। पंदलाही गांव में दोपहर तीन बजे भूस्खलन से ठीक पहले चेतावनी तंत्र के दोनों सायरन बज उठे। आवाज सुनाई देने पर पंदलाही गांव में लोग घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों को भागे।
विज्ञापन
इसके थोड़े समय बाद ही बड़ी मात्रा में दलदल की मिट्टी पानी के तेज बहाव के साथ नीचे आ गई। उधर, कोटरोपी घटनास्थल पर दलदल की मिट्टी साफ मौसम में भी डरा रही है। थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद यहां भारी मात्रा में मलबा और पानी नीचे बह रहा है।
विज्ञापन
ऐसे में निचले इलाके में ग्रामीण दहशत में हैं। सोमवार दिन भर यह क्रम जारी रहा। कोटरोपी घटनास्थल के पास खड़े पंदलाही निवासी रमेश कुमार ने मलबा आने और सायरन बजने की सूचना मोबाइल से गांव के लोगों को दी, जिससे सभी ग्रामीण सुरक्षित स्थान की ओर दौड़े।
विज्ञापन
स्थानीय ग्रामीण दुर्गादत्त, बीरी सिंह, रावण सिंह, लक्की, घनश्याम और पुरखा राम ने बताया कि सोमवार को दिन भर दलदल की मिट्टी तेजी से नीचे की ओर आती रही। जब सायरन बजा, उस दौरान मलबे का पैमाना बड़ा था।