फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   land and revenue department now have DGPS technology.

अब हाईटेक तरीके से होगी जमीन की पैमाइश

Mon, 22 Sep 2014 10:44 AM IST
Updated Mon, 22 Sep 2014 10:44 AM IST
विज्ञापन
land and revenue department now have DGPS technology.

प्रदेश में अब कोई भी न तो दूसरों की जमीन पर कब्जा कर सकेंगे और न ही राजस्व विभाग के अधिकारी किसी व्यक्ति विशेष को जमीन की पैमाइश के दौरान लाभ पहुंचा सकेंगे। सेटलमेंट विभाग ने एनएलआरएमपी (नेशनल लैंड रिकार्ड माडर्ननाइजेशन) के तहत दो ऐसे उपकरण खरीदे हैं जो सेटेलाइट से जुड़ने के बाद जमीन की एक-एक इंच की सही पैमाइश करेंगे।

विज्ञापन


कहां-किसने कब्जा किया है, इसे झट से पकड़ा जा सकेगा। दूसरा पैमाइश के लिए समय भी कम लगेगा। विभाग डीजीपीएस और ईपीएस उपकरणों से भू-राजस्व अभिलेख तैयार कर रहा है। इसके बाद जमीन संबंधी सभी मामले तुरंत हल हो जाएंगे। सेटलमेंट विभाग ने पहले चरण में जिला सिरमौर को लिया है।
विज्ञापन


प्रदेश में 12 हजार जमीन के झगड़े

प्रदेश में जमीन से जुड़े 12 हजार झगड़े चल रहे हैं। किसी व्यक्ति ने दूसरे की जमीन बेच दी है तो कइयों की कानूनगो की ओर से की गई डिमार्केशन पर आपत्तियां हैं। जमीनी झगड़ों के चलते कई जगहों पर खून खराबा तक हुआ है। कई लोगों की इन झगड़ों के कारण मौत हो गई। सरकार ने इस सभी पहलुओं को गंभीरता से लेते हुए यह विकल्प निकाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे काम करेगा उपकरण

डिफरेंशियल ग्लोबल पोजेशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस) सेटेलाइट से तस्वीर लेगा, इसकी आब्जर्वेशन 8 से 10 घंटे की होगी। इसके बाद ईपीएस से सर्वेक्षण कार्य किया जाएगा। ईपीएस उपकरण खुद जमीन की मेजरमेंट करेगा। इस उपकरण की ये खासियत है कि 100 मीटर तक की रेंज तक जमीन खसरा नंबर, प्लॉट एरिया और उसमें हुई गड़बडि़यों को एक मिनट में बताएगा।

इन पंद्रह गांवों में शुरू हुआ काम

land and revenue department now have DGPS technology.

सेटलमेंट विभाग ने जिला सिरमौर में इसका काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में पंद्रह गांवों को शामिल किया है। इनमें नैना चढि़यार, चुडव कोटी, पांडआजी, किलाकंलाज, मझियाना, दुरव, नाली गुसाण, चांडोग, घिरड संद्रोल, ढिल्लोबड़ाह, चुखर, डंगयार, चाकली वनलोग, खलोग, बाला चाकली, टिक्करी कुठार और प्रीतनगर शामिल हैं।

इस उपकरण से प्रदेश में जमीन से जुड़े झगड़े खत्म होंगे। भू माफिया पर अंकुश लगेगा। कोई भी व्यक्ति दूसरों की जमीन पर कब्जा नहीं कर सकेंगे। बड़ी बात यह है कि जमीन की पैमाइश में घंटों व कई दिन लग जाते हैं, वहीं ये उपकरण मिनटों में काम करेगा। - बीएस ठाकुर, सेटलमेंट आफिसर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed