हिमाचल: लाहौली जुराबों और दस्तानों को मिली जीआई टैगिंग, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान
अशोक राणा, केलांग (लाहौल-स्पीति)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 06 Nov 2021 01:36 AM IST
सार
सेव लाहौल-स्पीति के अध्यक्ष प्रेम कटोच ने कहा कि संस्था के सामूहिक प्रयास से पारंपरिक लाहौली उत्पादों को नई पहचान मिली है। जीआई टैग मिलने का फायदा हथकरघा कारोबार से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा। घाटी की करीब 15 हजार से अधिक महिलाएं इस पारंपरिक कारोबार से सीधे तौर पर जुड़ी हैं।
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लाहौली जुराबों और दस्तानों को मिली जीआई टैगिंग
- फोटो : अमर उजाला