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लाहौल भूस्खलन: पानी में डूबे घर, दो प्रभावित परिवारों ने तंबुओं में काटी रात
Sat, 14 Aug 2021 04:43 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
अमर उजाला नेटवर्क, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 14 Aug 2021 04:43 PM IST
सार
रमेश लाल और प्रेम के मकान भी पानी की चपेट में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि प्रेम पिछले कुछ साल से जुंडा गांव में रहते हैं, लेकिन उनका पुराना मकान जलमग्न हो गया है।
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तंबुओं में ठहरे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लाहौल में तडंग गांव निवासी देवी चंद और शिव लाल के परिवारों को शुक्रवार को तंबुओं में रात काटनी पड़ी। बीते शुक्रवार को नालडा और जसरथ गांव के बीच पहाड़ी दरकने से चंद्रभागा नदी का बहाव दो घंटे तक रुक गया था। इससे जमीन और तडंग गांव जलमग्न हो गए थे। हालांकि, अब हालात सामान्य हो रहे हैं, लेकिन दोनों प्रभावित परिवारों के घरों में पानी भर गया है। रमेश लाल और प्रेम के मकान भी पानी की चपेट में आ गए हैं।
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बताया जा रहा है कि प्रेम पिछले कुछ साल से जुंडा गांव में रहते हैं, लेकिन उनका पुराना मकान जलमग्न हो गया है। प्रभावित प्रेम लाल, सुखदास और राजेंद्र ने बताया कि यदि रात के समय ऐसी आपदा आई होती तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। कहा कि सरकार और प्रशासन ने रहने और खाने-पीने की उचित व्यवस्था की है। प्रेम लाल ने कहा कि उनके कमरों के कई हिस्सों में दरारें आई हैं।
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लगभग दस साल के लिए सर्दियों के लिए एकत्रित लकड़ी भी बह गई है। फसलों, घर में रखे राशन और अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचा है। राजस्व विभाग की टीम ने शनिवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। टीम रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। उधर, तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि वह प्रभावित परिवार के साथ हैं। बिजली बोर्ड को क्षतिग्रस्त विद्युत तार को दुरुस्त करने व लोनिवि को जसरथ से तडंग गांव को जाने वाली सड़क को दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं।
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खौफनाक मंजर से सहमा मासूम
तडंग गांव के राजेंद्र का चार वर्षीय बेटा शिवांश जलस्तर बढ़ने के खौफनाक मंजर को भूल नहीं पा रहा है। शिवांश के पिता राजेंद्र ने बताया कि शुक्रवार उनका बेटा बार-बार यही कह रहा है कि देखो हमारा घर डूब रहा है। अब हम कहां जाएंगे। परिवार उसे ढांढस बंधाता रहा, लेकिन मासूम रातभर सो नहीं पाया है।