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#ladengecoronase: लोगों को खेतों से जुड़ने का संदेश दे रहे गुरदास
Sat, 15 May 2021 10:47 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, अंब (ऊना)
अमर उजाला नेटवर्क, अंब (ऊना)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 15 May 2021 10:47 PM IST
सार
विधानसभा क्षेत्र चिंतपूर्णी की सारड़ा पंचायत के गांव गुरेट के किसान गुरदास राम कोरोना कर्फ्यू के दौरान पहाड़ी क्षेत्र में अपनी जमीन में मक्की की फसल तैयार कर किसानों और युवाओं को जागरूक कर रहे हैं।
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83 वर्षीय बुजुर्ग खेतों से दोबारा जुड़ने का संदेश दे रहे हैं।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वैश्विक महामारी कोरोना की चपेट में आकर हताश लोगों को हिमाचल के ऊना जिले के सारड़ा के एक 83 वर्षीय बुजुर्ग खेतों से दोबारा जुड़ने का संदेश दे रहे हैं। अभी गेहूं की कटाई के बाद उपमंडल अंब के पहाड़ी क्षेत्रों में खेत खाली पड़े हैं। विधानसभा क्षेत्र चिंतपूर्णी की सारड़ा पंचायत के गांव गुरेट के किसान गुरदास राम कोरोना कर्फ्यू के दौरान पहाड़ी क्षेत्र में अपनी जमीन में मक्की की फसल तैयार कर किसानों और युवाओं को जागरूक कर रहे हैं।
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कहते हैं कि अगर हम अपने खेतों में मेहनत मजदूरी करेंगे तो हमारी जमीन सोना उगलेगी। कहा कि लोगों का खेतीबाड़ी से मोहभंग हो चुका है। इससे धीरे-धीरे पहाड़ी क्षेत्रों के खेती योग्य खेत घास का मैदान बनते जा रहे हैं।
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कहा कि अगर हर किसान अपने खेतों में काम करेगा तो हमें कुछ न कुछ फायदा जरूर होगा। उन्होंने गत वर्ष लॉकडाउन दौरान भी मक्की की खासी फसल तैयार की थी। इस बार भी उनकी मक्की अच्छी लग रही है। उन्होंने कहा कि हम पहाड़ी क्षेत्र में बसे हुए लोगों को सिंचाई की कोई भी साधन नहीं है। कहा कि अपनी बंजर भूमि को फिर से उपजाऊ करें, ताकि इस संकट के समय में हम सरकार के दिशा-निर्देशों की पालना भी कर सकें।
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