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#LadengeCoronaSe: अस्थमा की मरीज बहू ने घर में ही स्वस्थ कर दिए पॉजिटिव सास-ससुर
Sun, 23 May 2021 01:41 PM IST
Krishan Singh
पंकज सलारिया, अमर उजाला, चंबा
पंकज सलारिया, अमर उजाला, चंबा
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 23 May 2021 01:41 PM IST
सार
शिक्षिका नीतू कटोच की 73 वर्षीय सास की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उनकी सास की किमोथैरेपी हो चुकी है और थर्ड स्टेज की कैंसर मरीज हैं। जब वह कोरोना पॉजिटिव आईं तो उनका ऑक्सीजन लेवल भी कम हो गया।
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शिक्षिका नीतू कटोच
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना महामारी के बीच कुछ लोग जहां अपनों को छोड़कर भाग रहे हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश के चंबा की एक बहू ने मिसाल पेश की है। अस्थमा की मरीज और पेशे से शिक्षक इस बहू ने सकारात्मक सोच से हाई प्रोटीन और डॉक्टरों की सलाह से अपने संक्रमित सास-ससुर को घर पर ही स्वस्थ कर दिखाया है। बहू के इस हौसले को अब हर कोई सलाम कर रहा है। नीतू अपनी सास की हौसलाफजाई करती रही और उन्हें अकेला नहीं छोड़ा।
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डॉक्टरों के परामर्श के अनुरूप उचित उपचार देती रहीं और हाई प्रोटीन डाइट भी देती रहीं। इसी बीच उनके 78 वर्षीय ससुर भी कोरोना पॉजिटिव हो गए। वह डायबिटीज के भी मरीज हैं। चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार उन्हें जरूरी उपचार दिया गया। नीतू ने घर में ही तमाम सुविधाएं जुटाईं। घर में ही उनकी देखभाल की। ऑक्सीमीटर से लेकर तापमान जांचने की भी व्यवस्था कर दी।
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नकारात्मक सोच को दूर करने के लिए घर में गीत-संगीत चलाती रहीं। आखिरकार नीतू की मेहनत रंग लाई और निर्धारित अवधि के बाद उनके सास-ससुर दोनों कोरोना को मात देने में कामयाब हो गए। उल्लेखनीय है कि नीतू परछोड़ स्कूल में शिक्षिका हैं। करीब तीन साल पहले परछोड़ स्कूल के छात्र साहिल ने एक मॉडल तैयार किया था। नेशनल स्तर की प्रतियोगिता तक यह मॉडल पहुंचा था। साहिल की गाइड टीचर भी नीतू ही थीं।
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डरें नहीं, सकारात्मक सोच के साथ लड़ें
शिक्षिका नीतू कटोच ने बताया कि वह खुद अस्थमा की मरीज हैं। दिन में इन्हेलर की आवश्यकता रहती है। पिछले तीन माह से उनका परिवार हाई प्रोटीन डाइट ले रहा है और परिवार ने पॉजिटिव सोच बनाए रखी। इसका यह परिणाम है कि उम्रदराज सास-ससुर ने गंभीर बीमारी के बावजूद कोरोना को हराया। उन्होंने कहा कि कोरोना से डरने की नहीं बल्कि सकारात्मक सोच के साथ लड़ने की जरूरत है।