फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   lack of facilities at ISBT Shimla.

करोड़ों का आईएसबीटी और व्यवस्थाएं बदहाल

Mon, 01 Dec 2014 02:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 01 Dec 2014 02:15 PM IST
विज्ञापन
lack of facilities at ISBT Shimla.

तीन साल के भीतर ही राजधानी शिमला के अंतर्राज्यीय टुटीकंडी आईएसबीटी में व्यवस्थाएं बदहाल हो गई हैं। आईएसबीटी में बुनियादी सुविधाएं हांफने के कारण यहां पहुंचने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वर्ष 2011 में करीब 80 करोड़ की लागत से बीओटी आधार पर आईएसबीटी बना था।

विज्ञापन


उद्घाटन के समय आईएसबीटी में यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं देने के दावे किए थे  लेकिन तीन साल में ही स्थिति बदहाल हो गई है। आईएसबीटी में लगी लिफ्ट बंद है। यात्रियों को अराइवल फ्लोर से डिपारर्चर फ्लोर तक पहुंचने में भारी दिक्कतें पेश आ रही हैं। भारी भरकम सामान के साथ यात्रियों को सीढ़ियां चढ़नी पड़ रही हैं।
विज्ञापन


लिफ्ट में सामान लाने ले जाने पर रोक लगा दी गई हैं जिसके चलते यात्री कुलियों के हाथों लुटने को मजबूर हैं। यात्रियों के लिए बनाए केबिनों के शीशे टूटे पड़े हैं। इसके चलते सर्दी के मौसम में यात्री ठिठुर रहे हैं। आईएसबीटी में यात्रियों को दूषित खाना परोसा जा रहा है। पीने के पानी का भी बंदोबस्त नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इतना ही नहीं कायदे कानूनों को ताक पर रख कर आईएसबीटी के अराइवल फ्लोर पर पिल्लर के नीचे ही दुकानें सजा दी हैं। आईएसबीटी में बने शौचालयों की हालत बदतर है। नलके टूटे पड़े हैं, सफाई न होने से दुर्गंध फैल रही है। डिपारचर फ्लोर पर दरारें पड़ी हैं। स्पीड ब्रेकर भी उखड़ चुके हैं।

जल्द की जाएगी रिपेयर: शर्मा

आईएसबीटी में फटे शीशों को जल्दी बदला जाएगा। डिपारचर फ्लोर पर स्पीड ब्रेकरों की भी रिपेयर होगी। शौचालयों की स्थिति सुधारने का भी काम किया जाना है। नियमित तौर पर लिफ्टों का संचालन किया जाएगा।
- अशोक शर्मा ऑपरेशन मैनेजर, टूटीकंडी आईएसबीटी

यहां शौचालय प्रयोग के हैं 10 रुपये

राजधानी शिमला में शौचालय सेवा मुफ्त है। नगर निगम की ओर से शौचालय का रखरखाव करने वाली कंपनियों को लोगों से पैसा न लेने के निर्देश दिए हैं लेकिन आईएसबीटी में शौचालय इस्तेमाल करने के 5 से 10 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। आईएसबीटी के ऑपरेशन मैनेजर अशोक शर्मा ने कहा कि लोगों से मनमानी वसूली न हो इसके लिए शौचालयों के बाहर सूचनापट लगाएंगे।


कागजों में कैद ओल्ड बस स्टैंड रोप-वे

आईएसबीटी से ओल्ड बस स्टैंड को जोड़ने के लिए रोप वे बनाने की योजना थी। तीन साल बीतने के बाद भी रोप-वे का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। आईएसबीटी से शहर के उपनगरों को जोड़ने के लिए बसें चलाई जानी थी लेकिन अभी तक बस सुवा शुरू नहीं हुईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed