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नाइट शिफ्ट को लेकर फैक्टरियों और उद्योगों को नए आदेश जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 26 Jun 2017 11:12 AM IST
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महिलाओं की तीन शिफ्टों में ड्यूटी लेने के नियम कड़े कर दिए गए हैं। श्रम निदेशालय ने सभी फैक्टरियों और उद्योगों को आदेश जारी किए हैं कि नए नियमों पर गौर करते हुए ही महिलाओं की रात की शिफ्ट में ड्यूटी लें।
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महिला सुपरवाइजर की उपस्थिति में ही महिला कर्मी अपनी सेवाएं दे सकेंगी। महिलाओं को उनके घर से लाने या उन्हें घर पहुंचाने की व्यवस्था भी करनी होगी। इस आदेश की प्रति श्रमायुक्त को भी भेजी गई है।
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हिमाचल सरकार के प्रधान सचिव श्रम आरडी धीमान की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मद्रास हाईकोर्ट के एक आदेश को मद्देनजर रखते हुए यह आदेश जारी किए गए हैं। जिन यूनिटों में तीन शिफ्टों में महिला कामगारों की तैनाती की गई है, वे फैक्टरी एक्ट 1948 के तहत पंजीकृत होनी चाहिए। जब महिला कामगारों को रात्रि शिफ्ट में तैनात किया जाता है तो उनसे इसकी स्वीकृति लेनी होगी।
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इसकी प्रति को संबंधित क्षेत्र के श्रम अधिकारी को भी देना होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार महिलाओं के कार्य स्थल पर यौन शोषण को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे। रात्रि शिफ्ट में किसी भी महिला की अकेली नियुक्ति नहीं की जाएगी। प्रबंधन की ओर से हर शिफ्ट में हर मंजिल में महिला सुपरवाइजर की भी नियुक्ति करनी होगी।
संबंधित फैक्टरी एवं उद्योग को महिला कामगारों को उनके घर तक छोड़ने या घर से लाने के लिए परिवहन सुविधा का इंतजाम करना होगा। परिवहन के दौरान भी वाहन में महिलाओं के लिए लेडी एस्कॉर्ट की सुविधा देनी होगी।
फैक्टरी या उद्योग में खाने का प्रबंध भी होना चाहिए, जिससे महिलाएं उचित समय पर खानपान कर सकें। श्रम अधिकारी को यह जानकारी भी देनी होगी कि उनके पास कितनी महिलाएं किस तरह के काम में तैनात की गई हैं। महिला कामगारों के नियमित स्वास्थ्य निरीक्षण की व्यवस्था भी करनी होगी।