Solan News: ढाई माह में बंद कर दी कृष्णगढ़ तहसील, लोग 40 किलोमीटर दूर जा रहे काम करवाने
सोलन जिले के दून विधानसभा क्षेत्र के पहाड़ी क्षेत्र कृष्ण गढ़ में खुली तहसील को वर्तमान सरकार ने बंद कर दिया है। मात्र ढाई माह चली इस तहसील का दर्जा घटाने के बाद यहां पर तैनात तहसीलदार को शिमला भेज दिया गया।
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हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के दून विधानसभा क्षेत्र के पहाड़ी क्षेत्र कृष्ण गढ़ में खुली तहसील को वर्तमान सरकार ने बंद कर दिया है। मात्र ढाई माह चली इस तहसील का दर्जा घटाने के बाद यहां पर तैनात तहसीलदार को शिमला भेज दिया गया। तहसील का दर्जा कम होने से स्थानीय लोगों में रोष पनप रहा है। लोगों का कहना है कि कृष्णगढ़ सबसे पुरानी उप तहसील है और क्षेत्रफल भी हाल में बनीं तहसीलों से भी ज्यादा है। जिले के ममलीग में चार और कुनिहार में छह पटवार सर्किल पर उप तहसील बनी है, जबकि कृष्णगढ़ में 12 पटवार सर्किल हैं। यहां पर तहसील लंबे संघर्ष के बाद खुली थी न कि भाजपा ने अपने चुनाव लाभ के लिए इसे खोला था। अब लोगों को करीब 40 किलोमीटर दूर कृष्णगढ़ पहुंचना पड़ रहा है।
पूर्व भाजपा सरकार ने चुनाव से छह माह पूर्व कृष्णगढ़ उपतहसील को तहसील का दर्जा दे दिया था। चुनाव से दो माह पूर्व यहां पर तहसील खोलने की अधिसूचना जारी होने पर तहसीलदार भी बैठ गए थे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालते हुई इसे डिनोटिफाई कर दिया। जिससे यहां पर तैनात तहसीलदार का स्थानांतरण शिमला कर दिया गया। इस तहसील में कृष्णगढ़, जाडला, दाड़वा, बढ़लग, घड़सी, ढकरियाना, पट्टा बाडियां, घयान, चंडी, बुगार कनैता, जगजीतनगर और भागुड़ी शामिल थी। लोगों का कहना है कि यहां पर तहसील लंबे संघर्ष के बाद खुली थी और यह लोगों की जायज मांग थी। वर्तमान सरकार ने बदले की भावना से इसका दर्जा घटा दिया।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
लैंड रिफॉर्म का कार्य केवल तहसीलदार ही कर सकता है। यहां के लोगों को इसके लिए अब कसौली जाना पड़ रहा है। इससे उनका पूरा दिन बर्बाद होता है, वहीं परेशानी भी होती है। -गोपाल ठाकुर, पूर्व प्रधान जगजीत नगर
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राजस्व से संबंधित नकल पर हस्ताक्षर करवाने के लिए लोगों को कसौली जाना पड़ रहा है। कृष्णगढ़ से कसौली की दूरी करीब 35 किलोमीटर है। अब लोगों को इसके लिए परेशान होना पड़ता है। -रमेश ठाकुर, अध्यक्ष जिला परिषद
नायब तहीसलदार को डीडीओ पावर न होने से कर्मचारियों को अपने वेतन के लिए तहसीलदार कसौली पर निर्भर रहना पड़ता है। हर माह इसके लिए उन्हें परेशानी आती है। सरकार को इस कार्यालय को लेकर दोबारा से निर्णय लेना चाहिए। -बलवंत ठाकुर, प्रधान चंडी पंचायत
जब यहां पर तहसील कार्यालय खुला तो लोग काफी खुश हुए। दो अधिकारी बैठने से एक फील्ड और दूसरा कार्यालय का काम निपटा लेता था। लेकिन, अब नायब तहसीलदार को दोनों जगह का जिम्मा है। यदि वह छुट्टी या फील्ड में हों तो कार्यालय में काम बंद रहता है। -मदन चौहान, पूर्व बीडीसी सदस्य
अगर नायब तहसीलदार को कोर्ट एविडेंस पर जाना पड़े तो तहसील के सभी कार्य रुक जाते हैं। यह उप तहसील सबसे बड़ी है और यहां पर प्रति दिन दर्जनों लोग राजस्व से जुड़े कार्य करवाने आते हैं। -पवन कुमार, पूर्व उपप्रधान कृष्णगढ़ पंचायत
20 वर्षों से इस तहसील के लिए लोगों ने संघर्ष किया था। मगर कांग्रेस ने सत्ता में आते ही इसे डिनोटिफाई कर दिया। जनता की मांग को देखते हुए इस कार्यालय को दोबारा खोलना चाहिए। -रामनाथ वशिष्ठ, पूर्व प्रधान कृष्णगढ़
लोग वर्षों से यहां पर तहसील खुलने का इंतजार कर रहे थे। इस कार्यालय की अधिसूचना चुनाव से छह माह पहले हो चुकी थी। जबकि, यहां पर तहसीलदार चुनाव से दो माह पहले आ गए थे। लोगों ने यहां पर कई कार्यालय करवाए, मगर बंद होने के बाद लोग परेशान हो गए। -कैलाश शर्मा, प्रधान कृष्णगढ़ पंचायत
यहां पर अक्सर नायब तहसीलदार को वीआईपी ड्यूटी और अन्य कार्यों के लिए जाना पड़ता है। अब एक ही नायब तहसीलदार होने से उनके इस तरह की ड्यूटी पर जाने से कार्य प्रभावित हो रहे हैं।-खेमचंद, प्रधान निचली गांगुडी