कृष्ण जन्माष्टमी: मंदिर के कपाट रहे बंद, लोगों ने घरों में झुलाया कान्हा को झूला
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हिमाचल की राजधानी शिमला समेत पूरे प्रदेश में कोरोना संक्रमण के खतरे के चलते मंदिर भले ही बंद रहे हों लेकिन घरों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की धूम रही। लोगों ने घर पर ही जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया। लोगों ने घर पर झूले लगाए थे और रात ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण को झूला झुलाया। कुछ अभिभावकों ने छोटे बच्चों को कान्हा के रूप में सजाकर उनकी पूजा भी की।
राजधानी में दिनभर घरों में ढोल-चिमटे की तान पर भगवान श्रीकृष्ण का गुणगान चलता रहा। मुझे चरणों में जगह दे श्याम मुरली वाले जैसे भजनों से माहौल भक्तिमय बना रहा। हालांकि घरों में हुए इन आयोजनों में भी भीड़ कम रही। देररात तक लोग जागते रहे और जैसे ही रात के 12 बजे तो लोगों ने घरों के मंदिरों में धूप और घी के दीये जलाकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को मनाकर खुशी मनाई।
लोगों ने भगवान श्री कृष्ण की पालकी को झूला झुलाया और उन पर फूलों की बरसात कर आरती की। राधा-कृष्ण मंदिर में रात 11.30 बजे कथा सुनाई गई और पंडितों ने विशेष पूजा अर्चना कर सूखे मेवे तथा पंजीरी का प्रसाद भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित किया। मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण को प्रसाद चढ़ाने के बाद वह सभी पंडितों में बांटा गया।
घर-घर में हर्षोल्लास के साथ किया श्रीकृष्ण का पूजन
वहीं मंडी में भी बुधवार को घर-घर में हर्षोल्लास के साथ श्रीकृष्ण जन्म का पूजन किया गया। मंगलवार रातभर 12 बजे तक मंदिरों के कपाट बंद होने के चलते घरों में कृष्ण भजन गूंजते रहे। कृष्ण जन्म पर एक दिन व रातभर निराहार कर लोगों ने यह प्राचीन रस्म कायम रखी। भले ही कोरोना महामारी के कारण सरकार के निर्देशों के अनुसार धार्मिक स्थल आमजन के लिए बंद हैं लेकिन लोगों ने घरों पर ही पर्व पर सादगी व हर्षोल्लास के साथ केक काटा कृष्ण जन्म मनाया।
वहीं छोटी के विभिन्न मंदिरों में भी पुजारियों द्वारा कृष्ण झूले डाले गए और रात 12 बजे भगवान की पूजा अर्चना कर जन्मदिवस मनाया। तो वहीं आरती कर भोग लगाया गया। बाबा भूतनाथ मंदिर, महामृत्युंजय मंदिर, एकादश रूद्र, विश्वकर्मा, जगन्नाथ मंदिर, सनातन धर्म सभा राधा कृष्ण मंदिर व अन्य मंदिरों व घरों में लोगों द्वारा डोल डाले। बाबा भूतनाथ मंदिर के पुजारी देवानंद सरस्वती ने बताया कि रात को 12 बजे कृष्ण झूले के पास पूजा अर्चना व आरती कर भोग चढ़ाया गया। कृष्ण झूला राधाष्टमी तक ऐसे ही लगाकर रखा जाएगा।
कन्हैया को झूला झुलाकर मनाई जन्माष्टमी
जिलाभर में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर कोविड-19 के कारण जहां मंदिर बंद रहे, वहीं लोगों ने घरों में ही कन्हैया को झूला झूलाया। छोटे-छोटे बच्चों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा ने सबका मन मोह लिया। कोरोना वायरस के कारण लोग जन्माष्टमी पर मंदिर तो नहीं जा सके, लेकिन लोगों ने घरों में ही इस त्योहार को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया।
महिलाओं ने अपने परिवार के साथ भजन-कीर्तन कर इस त्योहार का आनंद लिया। महिलाओं और युवतियों ने व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की और रात को झूला डालकर भजन कीर्तन किया। स्कूलों व अन्य संस्थानों ने भी ऑनलाइन जन्माष्टमी का त्योहार मनाया गया। छोटे-छोटे बच्चेे कृष्ण और राधा बने और भजन सुनाए।