गुड़िया रेप हत्याकांड: कोर्ट में पेश किया आरोपी, 7 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा
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गुड़िया दुराचार एवं हत्या मामले में सीबीआई द्वारा पकड़े गए आरोपी अनिल उर्फ नीलू को जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत ने 7 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बुधवार को सीबीआई ने आरोपी का चेहरा कपड़े से ढककर उसे कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया। पौने दस बजे अदालत में लाए गए आरोपी को ठीक दस बजे जेल शिफ्ट करने को अदालत से वापस ले जाया गया।
आरोपी की अदालत में पेशी को लेकर लोग जमा होने लगे थे। सीबीआई ने इस बहुचर्चित मामले के आरोपी को लेकर भीड़ जुटने की आशंका के चलते सुबह पौने दस बजे पेश कर दिया। सीबीआई ने आरोपी की अदालत में पेशी से लेकर उसे वापस ले जाने की प्रक्रिया की पूरी योजना बना रखी थी। 15 मिनट की सुनवाई खत्म होने तक अदालत के बाहर लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो चुकी थी।
जैसे ही न्यायाधीश ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया, सीबीआई टीम ने उसे गाड़ी में बिठाया और अदालत परिसर से बाहर निकल गई। माना जा रहा है कि सीबीआई ने आरोपी से अपनी बुनियादी पूछताछ को पूरा कर लिया है। हालांकि, न्यायिक हिरासत में भी उससे जरूरत पड़ने पर और पूछताछ की जा सकती है।
कोर्ट परिसर में मौजूद रहे दर्जनों पुलिस कर्मी
- गुड़िया मामले के मुख्य आरोपी को अदालत में पेश करने का समय सीबीआई की रणनीति का हिस्सा था। उसे एक योजना के तहत दस बजे से पहले ही कोर्ट में पेश किया गया और भीड़ जुटने तक तुरंत जेल भी शिफ्ट कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अदालत में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
दरअसल, इससे पहले आरोपी को हलाइला ले जाने के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुट गए थे। बहुचर्चित मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बुधवार को आरोपी की अदालत में पेशी भी संवेदनशील थी। लोगों की भीड़ इस पेशी के दौरान या बाद में कोई खलल न डालें, इसी को ध्यान में रखते हुए आरोपी को दस बजे से पहले ही पेश कर दिया गया।
सूरज हत्याकांड के आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ी- गुड़िया प्रकरण के आरोपी सूरज की पुलिस हिरासत में मौत मामले के आरोपियों की न्यायिक हिरासत एक मई तक बढ़ा दी गई है। आरोपियों में शामिल पूर्व आईजी समेत सभी आरोपी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सीजेएम रणजीत सिंह की अदालत में पेश किया गया।
आरोपियों ने अदालत में कहा कि सीबीआई द्वारा पेश किए गए आरोप पत्र की जो प्रति उन्हें दी गई है उसकी छपाई खराब है। लिहाजा उन्हें फिर से आरोप पत्र की प्रति दी जाए। इस पर अदालत ने सीबीआई को आरोप पत्र की एक और प्रति देने के आदेश जारी किए। साथ ही कहा कि आरोपियों को एक मई को फिर अदालत में पेश किया जाए।