गुड़िया केस: हाईकोर्ट ने SIT को चेताया, सत्य पर आधारित हो शपथ पत्र
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हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार की एसआईटी को चेताया कि वह गुड़िया मामले के आरोपियों को लेकर सत्य पर आधारित शपथपत्र दाखिल करे।
24 अगस्त को एसआईटी शपथ पत्र दाखिल करेगी जिसमें लॉकअप में एक आरोपी सूरज की हत्या सहित मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की संलिप्तता से जुड़े तथ्य होंगे।
डबल बैंच ने स्पष्ट किया कि न्यायालय से इस मामले से जुड़ा कोई भी तथ्य न छुपाया जाए। सुनवाई के दौरान सीबीआई के अधिकारी और उनके अधिवक्ता भी मौजूद रहे।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने एसआईटी को लेकर आदेश पारित करते हुए कहा कि उनके द्वारा इस मामले में की जांच के दौरान जुटाए तथ्यों की जानकारी व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट को शपथ पत्र के माध्यम से सील्ड
कवर में दें ताकि इसके आधार पर इस नतीजे पर पहुंचे कि ये ही लोग कुकृत्य में शामिल थे। न्यायालय ने चेतावनी दी कि शपथ पत्र पूरी तरह से सत्य पर आधारित हो। न्यायालय से इस मामले से जुड़ा कोई भी तथ्य न छुपाया जाए। मामले पर सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
हाईकोर्ट के समक्ष पेश हुई एसआईटी
प्रदेश हाईकोर्ट ने गुड़िया गैंगरेप व हत्या के मामले में निजी तौर पर प्रतिवादी बनाए गए डीजीपी सोमेश गोयल सहित तत्कालीन एसआईटी प्रमुख आईजी जहूर जैदी, एसआईटी सदस्य एएसपी भजन देव नेगी, डीएसपी रतन सिंह नेगी, डीएसपी ठियोग मनोज जोशी, सब इंस्पेक्टर धर्म सेन नेगी, एएसआई राजीव कुमार तथा पुलिस स्टेशन कोटखाई के एसएचओ राजिंदर सिंह व एएसआई दीप चंद कोर्ट समक्ष पेश हुए।
सीबीआई अधिवक्ता बोले, दो सप्ताह में देंगे रिपोर्ट
मामले की सुनवाई खत्म होने के बाद सीबीआई के अधिवक्ता ने मीडिया को बताया कि हाईकोर्ट ने उन्हें दो सप्ताह का समय दिया है। इस बीच सीबीआई इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंप देगी। उन्होंने कहा कि यह मामला हाईकोर्ट के विचाराधीन है। इसमें ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता है।
आधे घंटे तक चली सुनवाई
हाईकोर्ट में गुड़िया मामले को लेकर आधे घंटे तक सुनवाई चलती रही। यह मामला सवा दस बजे शुरू हुआ जो पौन ग्यारह बजे तक चलता रहा। प्रदेश सरकार की एसआईटी और सीबीआई अफसर कोर्ट से बाहर निकल गए थे।