गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड: CBI ने पुलिस से अपने कब्जे में लिया ये रिकॉर्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सीबीआई ने गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड मामले की तहकीकात और तेज कर दी है। सीबीआई की टीम पिछले दो दिनों से राज्य पुलिस मुख्यालय जा रही है। इस टीम ने मुख्यालय से कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है।
ये उपकरण पुलिस की एसआईटी अपनी जांच के दौरान इस्तेमाल कर रही थी। सीबीआई कंप्यूटर की उस हार्ड डिस्क को खंगाल रही है जिसमें स्पॉट का पहला वीडियो, फोटो और दूसरे पुलिसिया रिकार्ड स्टोर किए गए हैं। गुड़िया मामले में सीबीआई को कुछ सुराग पिछली तफ्तीश में जरूर मिले हैं, लेकिन यह सबूतों तक नहीं पहुंचा सके हैं।
नतीजतन सीबीआई के हाथ अभी तक खाली माने जा रहे हैं। सीबीआई यह स्पष्ट कर चुकी है कि पुलिस से यह मामला जिस हालत में उसे मिला है, उस स्थिति में बहुत से साक्ष्य नष्ट हो चुके हैं।
पुलिस के पास पकड़े गए सभी छह आरोपियों को ही असल मुजरिम मान लेने के पीछे क्या सबूत थे, इसकी सीबीआई पुलिस की एसआईटी से तफसील में जानकारी ले चुकी है। इनमें से एक आरोपी सूरज नेपाली कोटखाई थाने के लॉकअप में मारा जा चुका है।
बागवान अनंतराम नेगी से की दोबारा पूछताछ
हलाइला के बागवान अनंतराम नेगी के पास पांच आरोपी सेब बगीचे का और अन्य काम करते थे, इसलिए उनकी गतिविधियों की जानकारी लेने के लिए सीबीआई नेगी से भी लगातार पूछताछ कर रही है।
कुछ दिन पहले सीबीआई ने अनंतराम नेगी से हलाइला में घर जाकर ही पूछताछ की थी। शुक्रवार को नेगी को पीटरहॉफ शिमला स्थित सीबीआई के अस्थायी कार्यालय में सवा एक बजे से लेकर सवा तीन बजे तक दो घंटे तक हुई। नेगी ने भी माना कि सीबीआई ने पूछताछ की है। सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
फिर हलाइला पहुंची सीबीआई, चार बागवानों से की पूछताछ
सीबीआई की टीम शुक्रवार को फिर हलाइला पहुंची। इस टीम ने बानकुफ र वन विश्राम गृह में रुकने के बाद एक बार फिर जंगल जाकर स्पॉट का मुआयना किया। यहां पर चार अन्य स्थानीय बागवानों से भी पूछताछ की।