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गैंगरेप एंड मर्डर: पूर्व DGP बोले, शिमला पुलिस में ‘कॉमन सेंस’ की कमी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 20 Jul 2017 09:27 AM IST
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हिमाचल के पूर्व DGP आईडी भंडारी
- फोटो : File Photo
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हिमाचल प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आईडी भंडारी ने कहा कि गुड़िया मामले में सरकार और पुलिस दोनों ने लोगों में अपनी विश्वसनीयता को खो दिया है।
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कहा कि ये कैसे हो सकता है कि एक ही मामले में अपराधियों के दो सेट बनाए जाएं। एसपी शिमला का नेतृत्व पूरी तरह से फेल हुआ है।
पूर्व डीजीपी बोले - शिमला पुलिस में ‘कॉमन सेंस’ की कमी के कारण ही थाने के भीतर एक आरोपी का कत्ल हुआ है। कहा कि थाने में हुए कत्ल पर पुलिस अधीक्षक की ओर से बैठाई गई मजिस्ट्रियल जांच सीआरपीसी 176 के तहत उस वक्त की जाती है, जब मौत के कारण का सही पता नहीं लग पा रहा हो।
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जब धारा 302 के तहत मामला पहले से ही दर्ज किया जा चुका हो तो किसी भी तरह की जांच का कोई मतलब नहीं है। पुलिस अधीक्षक ने अपने कमजोर साथियों को ठीक से अपनी सेवाएं देने के लिए प्रशिक्षित नहीं किया है।
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पूर्व डीजीपी समेत पूर्व राज्य सीआईडी एवं विजिलेंस प्रमुख रह चुके आईडी भंडारी ने बुधवार को कहा कि एक सेल में केवल एक ही आरोपी को रखा जाना चाहिए। अगर जगह की कमी थी तो आरोपी को दूसरे थाने में भेजा जाना चाहिए था।