Himachal Cabinet Decisions: 1000 पुलिस कांस्टेबल और 500 सहायक वन रक्षक के पद भरने की मंजूरी
शुक्रवार सुबह 11 बजे सचिवालय के शिखर सम्मेलन सभागार में हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। जानें फटाफट...
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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की का एमएसपी 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम, चंबा जिला की पांगी घाटी के जौ का एमएसपी 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, कच्ची हल्दी का एमएसपी 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम तथा अदरक का एमएसपी 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित करने का निर्णय लिया गया।
1000 पुलिस कांस्टेबल के पद, 500 सहायक वन रक्षक के पद भरने का निर्णय
मंत्रिमंडल ने पुलिस विभाग में 1000 पुलिस कांस्टेबल के पद सृजित कर इन्हें भरने का निर्णय लिया। बैठक में वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षक के पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया, जिसमें वन मित्रों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण रहेगा। मंत्रिमंडल ने वन विभाग के लिए राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों से 8 नायब तहसीलदार, 20 कानूनगो और 44 पटवारियों को निश्चित मानदेय पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, विभाग के 10 क्षेत्रीय मंडलों में 10 विधि सलाहकार (लीगल कंसलटेंट) नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश सामाजिक सुरक्षा (पेंशन/भत्ता) नियम, 2010 के नियम 10 (2) और (3) में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) प्रक्रिया को सरल और अधिक सुगम बनाने को मंजूरी प्रदान की है। नए प्रावधानों का उद्देश्य व्यापार में सुगमता, आवासीय भवन मालिकों को लाभ पहुंचाना और अग्नि सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाना है। मंत्रिमंडल ने युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से 01 मई, 2026 से परमवीर चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन संजय कुमार की सेवाएं लेने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने हाइड्रो पावर पॉलिसी-2006 के अनुसार राज्य में स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों को 71 लघु जल विद्युत परियोजनाएं आवंटित करने का निर्णय लिया है जिन्होंने इस नीति के मुताबिक पात्रता मापदंड पूरे कर लिए हैं।