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एचआरटीसी कर्मियों के जीपीएफ की जांच करे सरकार

Sat, 30 Apr 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 30 Apr 2016 12:02 AM IST
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Kishan kapoor statement on GPF scam in HRTC.
पूर्व परिवहन मंत्री किशन कपूर ने कहा कि प्रदेश सरकार एचआरटीसी कर्मचारियों के जीपीएफ में करोड़ों रुपये के घपले की जांच करे। - फोटो : अमर उजाला

पूर्व परिवहन मंत्री किशन कपूर और विधायक विक्रम जरियाल ने कहा कि प्रदेश सरकार एचआरटीसी कर्मचारियों के जीपीएफ में करोड़ों रुपये के घपले की जांच करे। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि कर्मचारियों की मेहनत की पाई-पाई दफ्तर के खर्चों, स्टेशनरी और पेंशन के खर्चों में उड़ाई जा रही है और अब तक कर्मचारियों के जीपीएफ के 150 करोड़ रुपये जमा नहीं करवाए गए हैं।

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भाजपा नेताओं ने कहा कि एचआरटीसी की हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में कमी के बावजूद अन्य प्रदेशों के मुकाबले प्रदेश में किराया अधिक है, बावजूद एचआरटीसी का घाटा बढ़ता जा रहा है। परिवहन निगम को केंद्र की आर्थिक सहायता मिलने के बावजूद इसका सही ढंग से उपयोग नहीं हो रहा है।
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एचआरटीसी की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पिछले कुछ महीनों से कर्मचारियों को पेंशन तक नहीं दी जा रही है। भाजपा नेताओं ने कहा कि परिवहन मंत्री केवल घोषणाओं तक ही सीमित रह गए हैं। विभागों और निगमों की वास्तविक हालत किसी से छिपी नहीं हैं।
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कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि एचआरटीसी के बेड़े में कोई भी बस 7 वर्ष से ज्यादा पुरानी नहीं होगी, लेकिन अब परिवहन मंत्री कह रहे हैं कि 10 वर्षों तक बसों को चलाया जाएगा। उन्होंने परिवहन मंत्री से प्रश्न किया है कि परिवहन नीति जिसका वायदा चुनावी घोषणा पत्र में है। यह कब पूरा किया जाएगा?

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