फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Kishan Kapoor holds the record for the highest percentage of votes in Lok Sabha elections

Himachal: लोकसभा चुनाव में सर्वाधिक मत प्रतिशतता का रिकॉर्ड किशन कपूर के नाम

Sun, 02 Feb 2025 10:14 AM IST
Krishan Singh प्रवीण प्रकाश कुमार, धर्मशाला
प्रवीण प्रकाश कुमार, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 02 Feb 2025 10:14 AM IST
सार

 मोदी लहर में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले कपूर ने कुल 72.02 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, जो देश में किसी प्रत्याशी की सर्वाधिक मत प्रतिशतता रही।

विज्ञापन
Kishan Kapoor holds the record for the highest percentage of votes in Lok Sabha elections
पूर्व मंत्री एवं सांसद किशन कपूर(फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वरिष्ठ भाजपा नेता किशन कपूर का हिमाचल प्रदेश विधानसभा से संसद तक पहुंचने का सफर काफी रोचक रहा है। कपूर 2019 के लोकसभा चुनाव में देश की सियासत में सुर्खियों में रहे। मोदी लहर में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले कपूर ने कुल 72.02 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, जो देश में किसी प्रत्याशी की सर्वाधिक मत प्रतिशतता रही। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में पड़े कुल 10 लाख 6 हजार 989 मतों में से कपूर की झोली में 7 लाख 25 हजार 218 मत आए थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल को 2,47,595 वोट मिले थे। इस तरह 4 लाख 77 हजार 623 मतों के अंतर से कपूर ने प्रदेश में सबसे बड़ी रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी। देश में मत प्रतिशतता के अलावा हिमाचल प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों में किशन कपूर की लीड सर्वाधिक रही थी।

विज्ञापन


पांच बार विधायक, तीन बार मंत्री और एक बार सांसद बनने वाले कपूर हिमाचल प्रदेश के गद्दी समुदाय से एकमात्र नेता हैं। गैरराजनीतिक और एक साधारण परिवार से निकलकर अपने दम पर राजनीतिक क्षेत्र में उन्होंने अलग पहचान बनाई। धर्मशाला से पूर्व विधायक मेजर बृज लाल के राजनीति से संन्यास लेने के बाद 1985 के विधानसभा चुनाव में किशन कपूर को भाजपा से टिकट मिला, लेकिन वह कांग्रेस प्रत्याशी अपने ही गांव खनियारा के मूलराज पाधा से हार गए। 1990 में कपूर ने दूसरी बार चुनाव लड़ा और मूलराज पाधा को हराकर विधानसभा की चौखट पार की। इसके बाद कपूर की राजनीति का ऐसा सितारा चमका, जो उन्हें विधानसभा से संसद तक ले गया। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उनकी टिकट काट दी और यहां से डॉ. राजीव भारद्वाज को टिकट थमा दी। टिकट कटने से कपूर काफी नाराज थे। लेकिन इसी बीच उन्हें कई बीमारियों ने जकड़ लिया और शनिवार को उन्होंने प्राण त्याग दिए।

विज्ञापन

किशन कपूर का राजनीतिक सफर-
1970 जनसंघ के सदस्य बने
1980 भाजपा के गठन में भाग लिया और सक्रिय सदस्य बने।
1985 धर्मशाला निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में पहला विधायक चुनाव लड़ा लेकिन हार गए।
1990 में धर्मशाला निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार भाजपा से विधायक चुने गए।
1993 धर्मशाला से दूसरी बार जीते और विधानसभा पहुंचे।
1998 धर्मशाला निर्वाचन क्षेत्र से तीसरी बार जीत हासिल की
1998 परिवहन, जनजातीय विकास, मुद्रण एवं स्टेशनरी तथा कानून मंत्री के रूप में शपथ ली
2003 धर्मशाला से चुनाव लड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रेश कुमारी से चुनाव हार गये
2004 प्रदेश प्रवक्ता भाजपा हिमाचल प्रदेश नियुक्त
2007 में कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रेश कुमारी को हरा कर कपूर चौथी बार धर्मशाला से विधायक चुने गए।
2008 परिवहन, शहरी विकास, आवास और नगर एवं देश नियोजन मंत्री के रूप में शपथ ली
2009 पोर्टफोलियो उद्योग, श्रम और रोजगार और सैनिक कल्याण मंत्रालयों में बदल गए
2012 में धर्मशाला से चुनाव लड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी सुधीर शर्मा से चुनाव हार गये
2017 में धर्मशाला निर्वाचन क्षेत्र से पांचवीं बार जीत हासिल की, इस चुनाव में कांग्रेस के सुधीर शर्मा हारे।
2017 में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले तथा चुनाव मंत्री के रूप में शपथ ली
2019 में पूरे देश में सर्वाधिक मतदान 72.2 प्रतिशत के रिकॉर्ड अंतर के साथ पहली बार कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से संसद सदस्य के रूप में चुने गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed