किसान सम्मान निधि: मंडी में अपात्रों ने डकार लिए दो करोड़
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हिमाचल के सीएम जयराम के गृह जिला मंडी में भी किसान सम्मान निधि में करीब दो करोड़ का फर्जीवाड़ा हुआ है। 1889 किसान अपात्र होने के बावजूद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। इनमें 80 प्रतिशत से अधिक किसान ऐसे हैं, जो आयकर देने के बावजूद निधि का लाभ ले रहे हैं। कुछ तो सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी भी हैं। अब ऐसे अपात्र किसानों को तगड़ा झटका लगने वाला है। इस दायरे में आने वाले मंडी के 1889 किसानों से करीब दो करोड़ की रकम वसूली जाएगी। योजना के तहत किसानों को हर साल दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तें दी जाती हैं। मंडी में योजना के तहत करीब डेढ़ लाख किसान लाभ उठा रहे हैं। 1889 किसान ऐसे हैं, जो आयकरदाता होने के बावजूद योजना का लाभ लेते रहे हैं। ये अपात्र किसान एक से अधिक किस्तें ले चुके हैं। कई किसान दस हजार रुपये पेंशन होने पर भी योजना की रकम लेते रहे। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि आयकर विभाग ने बैंक खाता संख्या और आधार कार्ड नंबर से मिलान किया तो यह गड़बड़ी उजागर हुई। अन्य अपात्र पीएम किसान पोर्टल के सत्यापन में पकड़ में आए। अब इनसे रिकवरी की जाएगी। उधर, मामला उजागर होने के बाद आनन-फानन में कुछ ने किसान सम्मान निधि की रिकवरी जमा करवाने के लिए प्रशासन से अप्रोच करना शुरू कर दिया है।
बढ़ सकता है आंकड़ा
विभागीय अधिकारियों के अनुसार किसान सम्मान निधि का लाभ उठा रहे अपात्रों की सूची लंबी हो सकती है। इनकी पड़ताल की जा रही है। प्रशासन गलत तरीके से किसान सम्मान निधि राशि लेने वालों को रिकवरी नोटिस थमाने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि किसान सम्मान निधि योजना के तहत सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मी पात्र नहीं हैं। दस हजार से अधिक पेंशन लेने वाले सेवानिवृत्त कर्मी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं।