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सरकारी जमीन से बेदखली पर भड़के किसान, दो घंटे किया प्रदर्शन

Thu, 06 Apr 2017 09:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Thu, 06 Apr 2017 09:24 AM IST
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Kisan sabha protest outside himachal secretariat

सरकारी जमीन से बेदखली पर किसान भड़क उठे हैं। बुधवार को हिमाचल किसान सभा की अगुवाई में प्रदेश के हजारों किसानों ने मूसलाधार बारिश के बीच सचिवालय के बाहर दो घंटे तक प्रदर्शन किया। पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की धक्का-मुक्की भी हुई। करीब दस मिनट तक छोटा शिमला में वाहनों की आवाजाही बंद रही। पुलिस ने एहतियात बरतते हुए छोटा शिमला में मुख्य सड़क को गेट लगाकर बंद कर दिया।

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किसान सभा के पदाधिकारियों ने उत्तरप्रदेश की तर्ज पर हिमाचल में भी किसानों के ऋण माफ करने की मांग की। बुधवार दोपहर 12 बजे ओल्ड बस स्टैंड से हजारों किसानों ने छोटा शिमला तक रैली निकाली। इसकी अगुवाई किसान सभा के सचिव राकेश सिंघा, राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप तंवर, उपाध्यक्ष कुशाल भारद्वाज, सेब उत्पादक संघ के सचिव डॉ. ओंकार शाद और किसान सभा के राष्ट्रीय नेता डॉ. बीजू कृष्णन ने की।
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राकेश सिंघा ने कहा कि वे किसानों के पेड़ों और घरों को सरकार की मनमानी का शिकार नहीं होने देंगे। जिन किसानों की बेदखली हुई है या जिन्हें बेदखली के नोटिस मिल रहे हैं, उनमें गरीब और दलित किसान हैं। कुछ ऐसे भी किसान हैं, जिनके पास इंच भर भी भूमि नहीं है। सरकारी भूमि पर दो कमरों का मकान बनाया है, उन्हें भी घर खाली करने के नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्हाेंने वन भूमि पर खेती करने वाले किसानों को भूमि लीज पर देने की मांग की।
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भूमि नियमितीकरण को सबसे पहले बंदोबस्त को आधार बनाने की मांग की। कहा कि सरकार गैर मुमकिन भूमि का स्टेटस न बदले। राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप तंवर ने जंगली जानवरों और लावारिस पशुओं की समस्या को उठाया। कहा कि सरकार बंदरों को मारनेे के लिए प्रशिक्षित निशानेबाजों के दस्ते तैयार करे।

उन्होंने नगर निगम शिमला के मर्ज एरिया में भवनों के नियमित नहीं होने का मामला भी उठाया। महापौर संजय चौहान ने कहा कि उन्होंने निगम के हाउस से सरकार को प्रस्ताव भेजा था कि मर्ज एरिया के मकानों को बिना शर्त नियमित किया जाए। सरकार और शहरी विकास मंत्री ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

सिरमौर से आए किसान नेता रमेश वर्मा ने जिला में शामलात भूमि का मुद्दा उठाया। रैली में दूध का सरकारी दाम न्यूनतम 30 रुपये करने, मनरेगा की दिहाड़ी 300 रुपये करने और कुशल मजदूर की 500 रुपये करने तथा काम के दिन साल में 200 करने की मांग की गई। 

स्टोक्स ने बैठक बुलाने का दिया आश्वासन
शिमला। प्रदर्शन के बाद किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स को ज्ञापन सौंपा। मुख्य सचिव से मिलकर सरकार द्वारा पारित संकल्प प्रस्ताव और भूमि नियमितीकरण के लिए बनी उच्च स्तरीय कमेटी की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाने की मांग की।


बागवानी मंत्री और मुख्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगों पर गौर करेंगे। किसानों की मांगों को संबंधित विभागों को भेजकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अगर इसका समाधान नहीं होता तो इस पर बैठक बुलाई जाएगी।

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