Kiratpur Manali Forelane: किरतपुर से मनाली फोरलेन पर 50 जगह फिर कटेंगे पहाड़, सर्वे जारी
किरतपुर-मनाली फोरलेन पर क्षतिग्रस्त हिस्सों को चिह्नित कर रहा है। कई जगह फोरलेन के किनारे पर पहाड़ियों से भूस्खलन हुआ है। अभी तक 50 के करीब ऐसे स्थान सामने आए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण किरतपुर-मनाली फोरलेन पर क्षतिग्रस्त हिस्सों को चिह्नित कर रहा है। कई जगह फोरलेन के किनारे पर पहाड़ियों से भूस्खलन हुआ है। अभी तक 50 के करीब ऐसे स्थान सामने आए हैं। अभी सर्वे जारी है। एनएचएआई इन जगहों पर दोबारा कटिंग करवाएगा, जिससे दोबारा बरसात से फोरलेन बाधित न हो। प्रदेश में इस बार भारी बरसात से किरतपुर से मनाली फोरलेन को भी नुकसान पहुंचा है। एक तरफ जहां मंडी से मनाली तक फोरलेन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है, वहीं इस फोरलेन पर कई जगह पहाड़ियों से भूस्खलन हुआ है।
अब एनएचएआई मंडी के परियोजना निदेशक ने उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा है कि फोरलेन पर जहां भी कटिंग की जरूरत है, वहां पर कार्य शुरू करने की मंजूरी दी जाए। बताया जा रहा है कि मंजूरी मिलने के बाद इन जगहों पर कटिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बताते चलें कि स्वारघाट से भवाणा तक भारी बरसात के बाद कई जगह फोरलेन किनारे पहाड़ों से भूस्खलन हुआ है। इस कारण फोरलेन पर यातायात भी एकतरफा ही चल रहा है। लोगों को जहां फोरलेन पर सफर करने की उत्सुकता थी, वहीं बारिश ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
स्वारघाट से मंडी भराड़ी, पनोह से बलोह तक कई जगह पर पहाड़ों से भूस्खलन और डंगों के धंसने से फोरलेन एक तरफ से बंद हो गया है। अब एनएचएआई सर्वे कर रहा है कि फोरलेन पर ऐसे कितने स्थल हैं, जहां फिर से कटिंग की जरूरत है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने कहा कि अभी तक 50 के करीब स्थल चिह्नित हो चुके हैं। अभी सर्वे जारी है। इन जगहों की कटिंग के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद कार्य शुरू होगा।