यहां विस्थापितों ने अधिकारियों को भेजा सिंदूर और चूड़ियां, जानिए वजह
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फोरलेन निर्माण में नियमों की अनदेखी पर विस्थापितों ने राष्ट्रपति कार्यालय को ज्ञापन भेजकर अनोखे अंदाज में विरोध जताया है। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने ज्ञापन के साथ सिंदूर और चूड़ियां भेजी हैं।
मांग की है कि यह सिंदूर और चूड़ियां नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया के नई दिल्ली, शिमला और मंडी कार्यालय में तैनात अधिकारियों को दे दी जाएं। समिति के बार-बार मांग के बावजूद अधिकारियों ने उन्हें रोड अलाइनमेंट प्लान उपलब्ध नहीं कराया है।
यह कार्य अलाइनमेंट से हटकर कराया जा रहा है। इसका खामियाजा स्थानीय लोग भुगत रहे हैं। बुधवार को ग्राम पंचायत डमली में धराड़ सानी, छत्त, कोठी, कल्लर, पलथी, भटेड़ आदि के विस्थापितों और प्रभावितों ने उक्त अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
बिजली-पानी के कनेक्शन काटे
इसके बाद राष्ट्रपति कार्यालय को ज्ञापन समेत चूड़ियां और सिंदूर भेजा। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे उप प्रधान ग्राम पंचायत डमली के प्रीतम सिंह ने कहा कि किरतपुर से नेरचौक तक के फोरलेन में कई खामियां उजागर हो चुकी हैं।
सूचना के अधिकार में इन खामियाें की पुष्टि हुई है। अथॉरिटी ने रोड अलाइनमेंट पर दो करोड़ रुपये की राशि खर्च की है लेकिन अलाइनमेंट की जानकारी देने से अथॉरिटी प्रबंधन लगातार कन्नी काट रहा है। असमंजस की इस स्थिति से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शन में
चंपा देवी, संतोष कुमारी, रीना देवी, बंदना, लीला, रतन लाल, जगत राम, रतन सिंह, जोगिंद्र सिंह, फोरलेन विस्थापित समिति के उप प्रधान राकेश कुमार, रतन लाल, बलदेव, राम साही, जगदीश राम, राकेश कुमार, कांता देवी, रतन लाल, शीला, देविंद्र, गीता, शक्ति कुमार, संतोष गौतम, संत राम, दर्शनू देवी और समिति के महा सचिव मदन शर्मा भी मौजूद थे।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अथॉरिटी ने मनमाने ढंग से कई लोगाें के पानी-बिजली कनेक्शन काट दिए हैं। उनके शौचालय भी गिरा दिए गए हैं। ऐसे में लोगों को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है।