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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन: एनएचएआई की भू अधिग्रहण इकाई की रिपोर्ट पर उठाए सवाल
Thu, 25 Feb 2021 02:29 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 25 Feb 2021 02:29 PM IST
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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्रीय अभिकरण सदर बिलासपुर ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की भू अधिग्रहण इकाई की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। क्षेत्रीय अभिकरण ने तहसीलदार को दी रिपोर्ट में बताया है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण के लिए नियम ताक पर रखकर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। रिपोर्ट में बताया है कि एनएचएआई की इकाई ने भू अधिग्रहण के समय मुसाबी में दर्ज मीटरों को इंतकालों के साथ संलग्न नक्शों में दर्ज नहीं किया है।
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पत्र संख्या बीएल/एसएनओकेबी/तहसील-207 में जनसूचना अधिकारी एवं अधीक्षक वर्ग-दो विपिन चंदेल ने इसकी पुष्टि की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां कुछ खसरा नंबर में मीटर दर्ज पाए गए, उन्हें विभाजित कर दर्ज नहीं किया गया है। जहां खसरा नंबरों में मीटर दर्ज किए हैं, वह रिकॉर्ड पढ़ने योग्य नहीं हैं। मुसाबी और इकाई के बनाए नक्शों का मेल नहीं हो रहा है।
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इससे निशानदेही, जमाबंदियों में अमल, मोमियो में तरमीम, व्यय हिब्बा तबादला, तबदीली मलकीयत, फॉरेस्ट डायवर्सन, फर्द कब्जा, पैमाइश तथा कब्जा नाजायज की मिसलें बनाने में दिक्कतें हो रही हैं। रिपोर्ट में सदर विस क्षेत्र के तुन्नु, पट्टा, ढल्यार, मंडी भराड़ी, जोल, पड़गल तथा घुमारवीं विस क्षेत्र के बलोह, अमर सिंह पूरा, मल्यावर, रोहिण, पनोह, सन्नौर, बागठेडू, बकरोआ, पलथीं, दड़यणा, औहर तथा झंडूता के कल्लर, बैहना जट्टा, कोठी, बेहलग, म्हरोइयां, भटेड़, छत, धराड़ सानी के भूमि अधिग्रहण रिकॉर्ड में उक्त अनियमितताएं पाई गई हैं। इस वजह से क्षेत्र के जिन लोगों को भूमि का अधिग्रहण हुआ है, उन्हें लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है।
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वहीं, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय देहरादून और प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन बल प्रमुख टॉलेंड शिमला ने डीसी मंडी और डीसी बिलासपुर से पत्र संख्या एफटी 43/276/2019/बीओआई आईबी/बिलासपुर एफसीए में जवाब मांगा है। डीसी के मंडी ने भू अर्जन अधिकारी बिलासपुर तथा परियोजना निदेशक कार्यालय मंडी से सात दिन में जवाब मांगा है।