अब एक बंदर मारने पर मिलेंगे 300 रुपए, हिमाचल सरकार देगी पैसा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंदरों को मारने वालों को हिमाचल सरकार अब इनाम देगी। शिमला शहर और प्रदेश की 38 तहसीलों में एक बंदर को मारने के लिए 300 रुपये का पुरस्कार रखा गया है। इन क्षेत्रों में वानरों को पीड़क जंतु घोषित किया गया है।
वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने बुधवार को इस आदेश की जानकारी दी है। भरमौरी ने कहा कि वनों के बाहर वानरों की जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए ही यह निर्णय लिया गया है। हाल ही में प्रदेश की 38 तहसीलों और शिमला शहर में वानरों को पीड़क जंतु घोषित किया गया था।
संबंधित वन मंडलाधिकारी, एसीएफ और वन परिक्षेत्राधिकारी की कमेटियां गठित की गई हैं, जो ऐसे दावों का सत्यापन करेंगी। शिमला शहर के अलावा इनमें कांगड़ा जिले की सात, ऊना, सिरमौर की पांच-पांच, सोलन, सिरमौर, चंबा की चार-चार, शिमला, कुल्लू की तीन-तीन, मंडी की एक और हमीरपुर की दो तहसीलों में बंदर वर्मिन घोषित किए गए हैं।
छह महीने, एक साल के लिए जारी की अधिसूचना
भारत सरकार ने 14 मार्च 2016 को शिमला शहर में बंदरों को छह महीने के लिए वर्मिन घोषित करने की अधिसूचना जारी की थी। अन्य 38 तहसीलों में एक साल के लिए बंदरों को पीड़क घोषित करने की अधिसूचना 24 मई 2016 को जारी की गई थी। इसके बाद बुधवार को हिमाचल सरकार की ओर से इन क्षेत्रों में बंदरों को मारने वालों के लिए इनाम की घोषणा कर दी गई।
इन तहसीलों में बंदरों को घोषित किया वर्मिन
शिमला शहर, डलहौजी, भटियात, सिंहुता, चंबा, नूरपुर, इंदौरा, फतेहपुर, ज्वाली, कांगड़ा, पालमपुर, बड़ोह, भरवाईं, अंब, ऊना, हरोली, बंगाणा, घुमारवीं, नयनादेवी, बिलासपुर सदर, नम्होल, शिमला ग्रामीण, रामपुर, नेरवा, पच्छाद, राजगढ़, रेणुका, शिलाई, कमरऊ, मनाली, कुल्लू, सैंज, बड़सर, बिझड़ी, नालागढ़, कसौली, सोलन, दाड़लाघाट और सुंदरनगर।