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अब किसी भी ब्लड ग्रुप का किडनी ट्रांसप्लांट संभव

Sat, 10 Aug 2019 06:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊना Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 10 Aug 2019 06:24 PM IST
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kidney transplant of all blood group is possible now
डॉ. प्रियदर्शी रंजन - फोटो : अमर उजाला

एक वक्त था जब किडनी दान करने वाले और मरीज के ब्लड ग्रुप एक से न होने पर ट्रांसप्लांट नहीं हो पाता था। लेकिन अब एडवांस्ड तकनीक की बदौलत यह मुमकिन है। शनिवार को ऊना पहुंचे डॉ. प्रियदर्शी रंजन (डायरेक्टर-यूरोलॉजी और चीफ किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन फोर्टिस) ने एबीओ इनकंपैटिबल ट्रांसप्लांट के विषय पर बातचीत की।

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डॉ. रंजन ने कहा कि पारंपरिक इलाज में ट्रांसप्लांट के लिए एक जैसे ब्लड ग्रुप की जरूरत पड़ती थी ताकि किडनी के काम करने का चांस बना रहे। लेकिन अब ऐसा जरूरी नहीं है। एबीओ इनकंपैटिबल ब्लड टाइप किडनी ट्रांसप्लांट एक सच्चाई है। डॉ. रंजन ने इंकंपैटिबल किडनी प्रोग्राम के पिता कहे जाने वाले यूएसए के जॉन्स हॉप्किंस के इनकंपैटिबल किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर से प्रो. रॉबर्ट मोंटगोमरी के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग हासिल की है और एक हजार से ज्यादा ट्रांसप्लांट कर चुके हैं।

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डॉ. रंजन ने कहा कि दुनिया भर में उन मरीजों की गिनती लगातार बढ़ रही है, जिनकी किडनी काम करना बंद कर देती है। ऐसे में किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र रास्ता है। इस तकनीक से अनगिनत जिंदगियां बचाना मुमकिन है। उन्होंने बताया कि एबीओ इनकंपैटिबल ट्रांसप्लांटेशन की तैयारी के लिए एक सरल सा ब्लड टेस्ट किया जाता है जिससे ब्ल्डस्ट्रीम में एंटीबॉडी की मात्रा जानी जाती है। ज्यादातर लोगों में एंटीबॉडी का इतना स्तर होता है जिसका इलाज मुमकिन है।

डॉ. रंजन ने इस तकनीक के बारे में बताया कि इम्यून कंडीशनिंग जैसी नई तकनीक की बदौलत किसी भी ब्लड ग्रुप के अंगों को ट्रांसप्लांट करना मुमकिन है। यह उन लोगों के लिए वरदान है जिनके परिवार में समान ब्लड ग्रुप वाले डोनर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर किडनी को सुरक्षित रखना है तो ब्लड में शुगर और बीपी का स्तर नियंत्रित रखें। अधिक मात्रा में चीनी और नमक इसके लिए घातक है। वहीं अधिक से अधिक पानी का इस्तेमाल करना चाहिए।

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