हिमाचल में शुरू नहीं हो सका किडनी ट्रांसप्लांट
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हिमाचल में किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन (गुर्दा प्रत्यर्पण) फाइलों में ही सिमट गए हैं। हिमाचल में सरकार किसी भी दल की रही हो लेकिन मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट के आपरेशन बाहरी राज्यों के अस्पतालों में ही कराने पड़ते हैं।
हिमाचल से हर साल 20 से 25 मरीजों को उपचार के लिए दूसरे राज्यों में भेजा जाता है। हालांकि, भाजपा सरकार ने आईजीएमसी में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने की बात कही है लेकिन अभी तक इसे जमीन पर नहीं उतारा गया है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि आईजीएमसी में किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने के लिए 4 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान रखा गया है। सरकार की ओर से किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन थियेटर बनाने के लिए प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। लेकिन अभी तक योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है।
डॉ. बंसल ने करना था किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन
आईजीएमसी में आपरेशन शुरू करने के लिए सरकार की एम्स के डॉ. बंसल से भी बात हुई है। वह आईजीएमसी में पहला किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन करेंगे। डॉ. बंसल किडनी ट्रांसप्लांट के विशेषज्ञ हैं।
सरकार करीब एक महीने तक आईजीएमसी में इनकी सेवाएं लेने पर विचार कर रही है। यह इसलिए ताकि अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ , ओटीए इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी हासिल कर सकें।
प्रशिक्षण के लिए भेजे गए थे डाक्टर
प्रदेश सरकार ने चार विशेषज्ञ डॉक्टरों के अलावा ओटीए और पैरा मेडिकल स्टाफ को भी प्रशिक्षण के लिए भेजा था। बताया जा रहा है कि वह प्रशिक्षण लेकर लौट गए हैं।
बजट में की है घोषणा
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट भाषण में आईजीएमसी में किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। इसके लिए सरकार ने वर्ष 2018-19 में 4 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।