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लिटफेस्ट: महुआ बोलीं- बिलकिस बानो दुष्कर्म केस में अपराधियों को बचाने में गुजरात सरकार का बड़ा हाथ

Sat, 15 Oct 2022 10:14 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन/कसौली
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन/कसौली Published by: Krishan Singh Updated Sat, 15 Oct 2022 10:14 PM IST
सार

लिटफेस्ट में पश्चिम बंगाल से टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने बिलकिस बानो दुष्कर्म केस का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अपराधियों को बचाने में गुजरात सरकार का बड़ा हाथ है। 

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Khushwant Singh Litfest: Mahua Moitra said Gujarat government's big hand in saving criminals in Bilkis Bano ra
लिटफेस्ट में पश्चिम बंगाल से टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कसौली में 11वें खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में पश्चिम बंगाल से टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने बिलकिस बानो दुष्कर्म केस का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अपराधियों को बचाने में गुजरात सरकार का बड़ा हाथ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मामले पर चुप रहे हैं। गुजरात सरकार के नेता समेत और सरकार के बड़े अधिकारियों ने एकतरफा कार्रवाई की है। इसके चलते दोषी बिना किसी निर्णय के रिहा हो गए हैं। इससे देश में नफरत पैदा हो गई है। कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी नारी सुरक्षित नहीं है, जिसका एक बड़ा उदाहरण देश में गुजरात सरकार ने दोषियों को रिहा कर पेश किया है। सरकार ने यह सिद्ध कर दिखाया कि देश में बड़े कानून होने के बाद भी महिला सुरक्षित नहीं है। ऐसा वातावरण बनाने के लिए गुजरात की भाजपा सरकार दोषी है। सांसद महुआ मोइत्रा ने क्राय, द बिलव्ड कंट्री विषय के दौरान रैवाती लाउल और समर के साथ देश में हिंदू और मुस्लिम महिलाओं के बारे में मंथन किया।

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मोइत्रा ने कहा कि एक हिंदू महिला के साथ दुष्कर्म होने के बाद सारे कानून उच्च स्तर पर होते हैं और दोषियों को सजा दिलाने के हक में होते हैं, लेकिन बिलकिस बानो केस में उलटा हुआ है। इसमें मुस्लिम महिला को ही दोषी ठहराया जा रहा है, जबकि कानून के अनुसार सारे सबूत दुष्कर्म करने वालों के हक में थे, लेकिन सरकार ने इस कानून को अपने अनुसार बदल दिया और दोषियों को बचा लिया। यहीं नहीं, अपराधियों की रिहाई के बाद कथित हिंदुओं ने उनका स्वागत किया और मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया है, जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि ये एक प्रदेश का उदाहरण है, लेकिन पूरे देश में कानून व्यवस्था का यही हाल है और भाजपा अपने अनुसार कानून बदलने में लगी है। इसलिए अब हमें राजनीति में बहुत समझना होगा। उन्होंने कहा कि अब इसका देश भी जवाब देने को तैयार है। याचिका के उत्तर के मुताबिक ही आगामी निर्णय लिया जाएगा।
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हिंदुओं का एक वर्ग हो चुका असुरक्षित 
महुआ मोइत्रा ने कहा कि उन्होंने कई किताबें लिखी हैं और उल्लेख किया है कि आने वाले दिनों में कानून अपने आप ही खतरे में पड़ चुका है। वहीं हिंदुओं का एक वर्ग कानून के दायरे में रहकर भी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है। हम जीने के लिए ऐसे लोगों को को खाना खिलाते रहते हैं, जिनसे नफरत नहीं करते।

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पंजाब में 90 के दशक में हुए उठापटक पर चर्चा 

Khushwant Singh Litfest: Mahua Moitra said Gujarat government's big hand in saving criminals in Bilkis Bano ra
अभिनेता रजा मुराद - फोटो : संवाद

खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में लेखिका गुल पनाग ने पंजाब में 90 के दशक में हुए उठापटक पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि 1990 में डाले गए प्रस्तावों ने पंजाब में काफी हलचल मचाई थी। कई आतंकवादी जासूस बनकर पंजाब में घुस आए थे। जो काफी चिंतनीय था। उस दौरान के मुताबिक आज काफी बदलाव आया है। खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के दूसरे दिन नामी हस्तियों ने भाग लिया। माइया मैइत्रा, तुषार कपूर, ऊषा उथप राजा और मुराद ने मुख्य वक्ता की भूमिका निभाई। ऊषा उथप ने गाने में नाचने पर विवश किया। दूसरे दिन लिटफेस्ट में द टाइगर ऑफ द सुंदरबन विषय पर अभिताभ घोष और पाउल ने चर्चा की। महुआ मोइत्रा ने क्राय द बिलव्ड कंट्री, ऊषा उथप, सृष्टि झा और मालिवका ने द क्वीन ऑफ पॉप, तुषार कपूर और दिव्या दत्ता ने बैचलर डैड, पवन वर्मा और मुकरंद ने लाइफ लाइन चेंज के बारे में चर्चा की। इसी के साथ प्रणय लाल और विक्रम ग्रेवाल ने द नेचर हिस्ट्री पर चर्चा की। इसके बाद पंजाब विषय पर रमेश इंद्र सिंह और गुल पनाग ने मंथन किया, जबकि बॉलीवुड पर रजा मुराद ने अपनी बात रखी।

संगीत के बगैर कुछ नहीं: ऊषा उथप
संगीत में अपनी पहचान बना चुकीं गायिका ऊषा उथप ने कहा कि संगीत के बगैर कुछ नहीं है। जब तक भगवान चाहेंगे तब तक वह लोगों के लिए ऐेसे ही गुनगुनाती रहेंगी और लोगों के दिल में अपनी जगह बरकरार रखेगी। उन्होंने कहा कि लोग का आशीर्वाद उन पर बना हुआ है। इस दौरान उन्होंने दम मारो दम समेत तीन अन्य गाने गाए। 

कजन से आज तक नहीं मांगी मदद : रजा मुराद
अभिनेता रजा मुराद, सत्य शरण, बालाजी विटाल ने बॉलीवुड में विलेन का चेहरा कितना बदलने पर मंथन किया। उन्होंने बताया कि हमारा समय कुछ था। फिल्म में मेरा पहला दिन था और मैं ऐसे ही यूजुअल वहां पहुंच गया। उन्होंने मुझसे पूछा कि आपका तिलक कहां है। उस समय विलन को तिलक लगा हुआ। उन्होंने कहा कि जीनत अमान जो मेरी कजन थी, लेकिन कजन से मैंने आज तक कोई मदद नहीं मांगी। उन्होंने कहा कि मैंने बहन के लिए एक फिल्म तक छोड़ दी थी। 

लिटफेस्ट के अंतिम दिन इन मुद्दों पर होगी चर्चा
अंतिम दिन इनका होगा जिक्र : इन द लाइट एंड शेड ऑफ टाइम, अकबर ऑफ हिंदुस्तान, वर्ल्ड फॉर बर्ड्स, द मैजिक ऑफ न्यू बुक्स, द स्टार्स इन माय स्काई : माय फिल्म जर्नरी, डेयर टू चेंज, आर्मी इकोलॉजी व रेत समाधि समेत आठ सत्रों में साहित्यकार संवाद करेंगे।

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