फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Khaki Wali Sakhi, who is instrumental in providing justice to women victims of domestic violence

घरेलू हिंसा में न्याय दिला रही ‘खाकी वाली सखी’, पढ़ें पूरा मामला

Fri, 10 Jan 2020 11:26 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 10 Jan 2020 11:26 AM IST
विज्ञापन
Khaki Wali Sakhi, who is instrumental in providing justice to women victims of domestic violence
- फोटो : अमर उजाला

घरेलू हिंसा का शिकार होने वाली महिलाओं को न्याय दिलवाने में ‘खाकी वाली सखी’ अहम भूमिका निभा रही है। चंबा पुलिस ने घरेलू हिंसा के मामले रोकने को एक स्थायी आदेश प्रक्रिया (एसओपी) बनाई है। जिला मुख्यालय में घरेलू हिंसा की शिकायतों का डाटा तैयार किया गया है। इसे हर माह अपडेट किया जाता है।

विज्ञापन


मामले सुलझाने के बाद 15 दिन में शिकायतकर्ता से बात की जाती है और माले में अपडेट लिया जाता है। अगर मामला नहीं सुलझता है तो इसे जांच के लिए एसएचओ के पास भेजा जाता है। पुलिस विभाग ने मई 2019 में एसओपी बनाकर इसे लागू किया है। 
विज्ञापन


जिले में पिछले 5 वर्षों में 4 हत्या, आत्महत्या के लिए 23 और महिलाओं के लिए क्रूरता के 35 मामले पति या ससुराल वालों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा के ये मामले घर पर आदतन यातना की छोटी घटनाओं के रूप में शुरू होते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

घरेलू हिंसा की घटनाएं रोकने को एक तंत्र स्थापित किया गया है। इसके तहत 15 दिन तक शिकायतकर्ता से महिला आरक्षी मोबाइल पर संपर्क या व्यक्तिगत रूप से मिलती है। शिकायतकर्ता से बात करने के बाद एक रिपोर्ट तैयार करती है। मामले के पर्यवेक्षण को एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। पुलिस रिपोर्ट में घरेलू हिंसा पाए जाने पर संबंधित एसएचओ को कार्रवाई के लिए मामला भेजा जाता है।

जिन मामलों में शिकायतकर्ता लगातार 6 महीने तक घरेलू हिंसा से मुक्त (डीवीएफ) हैं, उनका नाम सूची से हटा दिया गया। जिले में वर्ष 2019 तक इस तरह की 461 शिकायत कर्ताओं पर नजर रखी गई। 91 नामों को अब तक सूची से हटाया गया है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. मोनिका ने बताया कि घरेलू हिंसा के मामलों में पुलिस फॉलोअप कर रही है। घरेलू हिंसा के मामलों में पीड़ित से समय-समय पर फोन और महिला आरक्षी के घर जाकर स्थिति का जायजा लिया जाता है। छह माह तक प्रक्रिया चलती है। सब कुछ सही पाए जाने पर घरेलू हिंसा की शिकार का नाम सूची से हटा दिया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed