घाटे में चल रहा बैंक, चेयरमैन साहब घूमते रहे रूस, थाईलैंड और यूके, होगी जांच
सरकार कांगड़ा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष के विदेशी दौरों की जांच करेगी। अध्यक्ष ने तीन साल में रूस, थाईलैंड, पट्टाया और यूके के दौरे किए हैं। देखा जाएगा कि विदेशी दौरों के लिए अध्यक्ष ने विभाग से अनुमति ली है या नहीं।
सहकारिता मंत्री राजीव सैजल ने जयसिंहपुर के विधायक रविंद्र कुमार और राकेश पठानिया के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। कहा कि विदेश दौरे सीखने के उद्देश्य से होते हैं, लेकिन देश में बैंक प्रणाली इतनी विकसित हो चुकी है कि इसके लिए विदेशी दौरे की जरूरत नहीं होती है।
मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि केसीसी बैंक का 3600 करोड़ के ऋण के विपरीत 584 एनपीए हैं, जो 15 फीसदी बनता है। उन्होंने आशंका जताई कि यह एनपीए 20 प्रतिशत के आसपास भी हो सकता है। 500 करोड़ से अधिक का ऋण वापस नहीं आ रहा है।
ये यात्राएं कीं बैंक के चेयरमैन ने
सैजल ने कहा कि गत तीन साल में केसीसीबी अध्यक्ष ने 4 विदेश यात्राएं कीं। चार से 12 अगस्त, 2015 तक वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान पुणे की ओर से जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के अध्यक्षों के लिए यूनाइटेड किंगडम की यात्रा की।
इसमें केसीसी बैंक अध्यक्ष भी मौजूद थे। 13 से 16 जून, 2016 तक वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान पुणे की ओर से आयोजित एक उदार और वैश्विक अर्थव्यवस्था में सहकारिता पर अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए श्रीलंका की यात्रा की। 24 से 26 जून, 2017 तक ग्लोबल इन्फारमेंट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से टीबीसी पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पट्टाया थाईलैंड गए।
22 से 25 सितंबर, 2017 तक डीएचईएल प्रामेरिका की ओर से ग्रामीण सहकारी बैंकों के समावेश सम्मेलन के लिए मॉस्को, रूस का भ्रमण किया।
राजनीतिक दबाव बना रही सरकार
विधायक राजेंद्र राणा ने कहा- केसीसी बैंक अध्यक्ष को हटाने के लिए सरकार राजनीतिक दबाव बना रही है। कहा कि अध्यक्ष के रिश्तेदार के स्टोन क्रशर पर दबाव बनाने के लिए पूरे प्रशासन अमले को भेजा गया।
डॉ. सैजल बोले- अध्यक्ष को हटाने के लिए कोई राजनीतिक दबाव नहीं है। जिस स्टोन क्रशर की बात विधायक कर रहे हैं, उस पर सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई है।