फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Kavinder Gupta said that the EC Court should meet every three months and every teacher should adopt a village

Shimla: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता बोले- हर तीन माह में हो ईसी कोर्ट की बैठक, शिक्षक एक-एक गांव ले सकते हैं गोद

Tue, 14 Jul 2026 09:05 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 14 Jul 2026 09:05 PM IST
सार

 राज्यपाल ने निर्देश दिए कि ईसी कोर्ट की बैठक नियमित रूप से हर तीन माह में आयोजित की जाए। उन्होंने लंबित सभी ऑडिट पैरा का शीघ्र निपटारा करने पर भी जोर दिया।

विज्ञापन
Kavinder Gupta said that the EC Court should meet every three months and every teacher should adopt a village
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता एचपीयू ईसी कोर्ट की बैठक की अध्यक्षता की। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यपाल एवं कुलाधिपति कविंद्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को नवाचार, शोध और कौशल आधारित शिक्षा का अग्रणी केंद्र बनाने पर जोर दिया। राज्यपाल ने निर्देश दिए कि ईसी कोर्ट की बैठक नियमित रूप से हर तीन माह में आयोजित की जाए। उन्होंने लंबित सभी ऑडिट पैरा का शीघ्र निपटारा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों से एक-एक गांव गोद लेकर पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता के लिए काम करने का आह्वान किया। वह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की 36वीं एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) कोर्ट की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुरूप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा साइंस, साइबर सुरक्षा और हरित प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में शिक्षा और शोध को बढ़ावा देना होगा। विश्वविद्यालय को रोजगारपरक पाठ्यक्रम, स्टार्टअप संस्कृति, इन्क्यूबेशन सेंटर, उद्योग-शैक्षणिक साझेदारी और इंटर्नशिप कार्यक्रमों को भी मजबूत करना चाहिए। जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर शोध बढ़ाने के साथ डिजिटल शिक्षा, वर्चुअल कक्षाओं, ई-लर्निंग और डिजिटल पुस्तकालयों को सशक्त बनाने की भी आवश्यकता बताई। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध अनुदान हासिल करने के लिए भी प्रयास तेज करने चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रो-वाइस चांसलर को नहीं मिला बैठक में प्रवेश
शिमला। ईसी की बैठक के दौरान प्रो-वाइस चांसलर (प्रो-वीसी) के पद को लेकर विवाद सामने आया। बैठक से पहले कुछ छात्र प्रतिनिधियों ने राज्यपाल एवं कुलाधिपति कविंद्र गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर प्रो-वीसी का पद समाप्त करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि प्रो.वीसी प्रो. राजिंदर वर्मा का तीन वर्षीय कार्यकाल 3 जून को समाप्त हो चुका है। इसके बाद अब तक पुनर्नियुक्ति या कार्यकाल बढ़ाने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। प्रो. राजिंदर वर्मा विश्वविद्यालय कोर्ट की बैठक में पहुंचे, लेकिन उन्हें बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद में उनके पद को लेकर चर्चा तेज हो गई। विश्वविद्यालय कोर्ट के सदस्य विक्रांत झारटा ने कहा कि यदि प्रो-वीसी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और पुनर्नियुक्ति का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है, तो वह प्रो-वीसी कार्यालय और आधिकारिक वाहन का उपयोग किस अधिकार से कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed