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धर्मशाला में कश्मीरी पंडितों ने खुशी में फोड़े पटाखे, आखों से छलके आंसू

Tue, 06 Aug 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 06 Aug 2019 05:00 AM IST
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kashmir issue: Kashmiri Pandit tells the displacement tales
कश्मीर पंडित - फोटो : अमर उजाला

ठीक तीस साल पूर्व स्थानीय अखबारों में कश्मीर पंडितों को घाटी छोड़ने के फरमान मिले थे। किसी के घर के बाहर धमकी भरे पत्र चस्पां किए गए। खौफजदा माहौल में आखिरकार जब कश्मीर छोड़ना पड़ा था, तो जनेऊ को कमीज के साथ पेपर पिन लगाकर छिपाना पड़ा था ताकि जनेऊ दिखाई न दे।

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ऐसा इसलिए किया ताकि धर्म की पहचान होने पर कहीं कत्ल न कर दिए जाएं। आनन फानन उन्हें उसके बाद ही बस में सफर करना पड़ा। संसद में अनुच्छेद 370 हटाने समेत जम्मू-कश्मीर से जुड़े अन्य प्रस्ताव पेश किए गए तो कश्मीरी पंडितों के जेहन में विस्थापन के लमहे ताजा हो गए।
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उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। हालांकि, इस बार मौका जश्न का था जिसे मनाते हुए उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक रहे थे। सोमवार को संसद में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाने और केंद्र शासित राज्य बनाने के प्रस्ताव पेश होने पर धर्मशाला भी जश्न में डूब गया।
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धर्मशाला में रह रहे कश्मीरी पंडितों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। कश्मीर घाटी के अनंतनाग जिले के मूल निवासी सीजे कौल ने कहा कि वह घर से परिवार के अलावा स्कूटर और टीवी लेकर आए थे।

इसके अलावा वे कुछ कपड़े ही साथ ला पाए थे। बाकी सब कुछ वहीं छूट गया। वहीं, सुरेश कौल, राजेंद्र कौल, डीपी डासी ने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से 370 और 35ए को हटाकर ऐतिहासिक फैसला लिया है। 

पूरा दिन मनाई छुट्टी

ठीक तीस साल पूर्व स्थानीय अखबारों में कश्मीर पंडितों को घाटी छोड़ने के फरमान मिले थे। किसी के घर के बाहर धमकी भरे पत्र चस्पां किए गए। खौफजदा माहौल में आखिरकार जब कश्मीर छोड़ना पड़ा था, तो जनेऊ को कमीज के साथ पेपर पिन लगाकर छिपाना पड़ा था ताकि जनेऊ दिखाई न दे। ऐसा इसलिए किया ताकि धर्म की पहचान होने पर कहीं कत्ल न कर दिए जाएं। आनन फानन उन्हें उसके बाद ही बस में सफर करना पड़ा।

संसद में अनुच्छेद 370 हटाने समेत जम्मू-कश्मीर से जुड़े अन्य प्रस्ताव पेश किए गए तो कश्मीरी पंडितों के जेहन में विस्थापन के लमहे ताजा हो गए। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। हालांकि, इस बार मौका जश्न का था जिसे मनाते हुए उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक रहे थे। सोमवार को संसद में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाने और केंद्र शासित राज्य बनाने के प्रस्ताव पेश होने पर धर्मशाला भी जश्न में डूब गया।

धर्मशाला में रह रहे कश्मीरी पंडितों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। कश्मीर घाटी के अनंतनाग जिले के मूल निवासी सीजे कौल ने कहा कि वह घर से परिवार के अलावा स्कूटर और टीवी लेकर आए थे। इसके अलावा वे कुछ कपड़े ही साथ ला पाए थे। बाकी सब कुछ वहीं छूट गया। वहीं, सुरेश कौल, राजेंद्र कौल, डीपी डासी ने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से 370 और 35ए को हटाकर ऐतिहासिक फैसला लिया है। 

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