Kanda Jail Clash Case: कंडा जेल में भिड़े थे टिल्लू ताजपुरिया और दहिया गैंग के गुर्गे, जांच में खुलासा
जेल में बंद उत्तर भारत की दो कुख्यात गैंग के गुर्गों के बीच पिछले एक साल से चल रही तनातनी गैंगवार में बदल गई। प्रदेश में यह पहला मामला है, जब जेल के भीतर गैंगवार हुआ है।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की कंडा जेल में खूनी झड़प की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जेल में बंद उत्तर भारत की दो कुख्यात गैंग के गुर्गों के बीच पिछले एक साल से चल रही तनातनी झड़प में बदल गई। इनमें वर्चस्व की जंग चल रही है। बताया जा रहा है कि दोनों ही गैंग में जेल में बंद कई कैदी इनकी छत्र छाया में जा रहे हैं। ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि जेल में बंद यह शातिर प्रदेश के छोटे-मोटे अपराधियों से मिलकर अपनी गैंग की जड़ें मजबूत करने में लगे हैं। इस झड़प के बाद जेल प्रशासन ने गैंग के सभी सदस्यों को अलग-अलग बैरक में भेज दिया है। इनकी कई सुविधाएं भी बंद कर दी गई हैं।
15 अक्तूबर को झड़प में टिल्लू ताजपुरिया गैंग के कुख्यात बदमाश नवीन और विपिन शामिल हैं। जबकि दहिया गैंग से बदमाश अवनेश, मेजर सिंह और प्रगट सिंह शामिल हैं। टिल्लू गैंग के नवीन पर हिमाचल के सोलन में जिम संचालक की हत्या का केस दर्ज है। इसके अलावा दहिया गैंग के बदमाशों पर भी बद्दी, ऊना में हत्या के मुकदमे चल रहे हैं। ये सभी अभी विचाराधीन कैदी हैं। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश और जेल के भीतर वर्चस्व की लड़ाई में दोनों गुटों के बीच झड़प हुई। घटना में बीच-बचाव में आए उप-अधीक्षक संजीव परमार भी घायल हुए हैं। एक कैदी ने कुर्सी से उन पर हमला किया था। इस पूरे घटनाक्रम में जेल उप-अधीक्षक सहित करीब आठ विचाराधीन कैदी घायल हुए हैं। फिलहाल, जेल प्रशासन की शिकायत पर शिमला पुलिस ने मामले में एक दर्जन आरोपियों को नामजद किया है।
टेलीफोन और कैंटीन की सुविधा की गई बंद
झड़प में संलिप्त एक दर्जन कैदियों को मिलने वाली कई सुविधाओं को भी बंद कर दिया है। दोनों गैंग के सदस्यों को ए और बी ब्लाक से शिफ्ट कर डी और सी ब्लॉक में भेज दिया है। इनके सभी संपर्क तोड़ दिए गए हैं। टेलीफोन और कैंटीन की सुविधा को भी बंद कर दिया है। उधर, जेल उप-अधीक्षक पर हुए हमले में बालूगंज थाना पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने सुरक्षा में तैनात कुछ जेल वार्डन के भी बयान लिए है। इधर, कंडा जेल सुपरिटेंडेंट सुशील कुमार ठाकुर ने बताया कि मामले में कानूनी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
कंडा जेल में लगातार दो दिन हुई थी खूनी झड़प
कंडा जेल में मौजूदा समय में करीब 540 बंदी और विचाराधीन कैदियों को रखा गया है। इसमें 20 महिलाएं भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों गैंगों के बीच पिछले कई दिनों से वर्चस्व की जंग चल रही है। शनिवार को भी दोनों गैंग के बीच झड़प हुई। जेल प्रशासन के मुताबिक रविवार को भारत-पकिस्तान मैच देखने को लेकर दोनों गुटों के बीच झड़प हो गई। बैरक में करीब 30 से 35 कैदी मैच देख रहे थे। इस बीच दोनों गुटों में झड़प की घटना सामने आई।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं सभी आरोपी
कंडा जेल में हुई घटना में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल के चार विचाराधीन कैदी संलिप्त हैं। इसमें नवीन और विपिन दिल्ली, प्रगट सिंह और मेजर सिंह पंजाब और अवनेश उत्तर प्रदेश निवासी शामिल हैं। इसके अलावा हिमाचल के ऊना, नालागढ़, बद्दी के भी चार विचाराधीन कैदी शामिल हैं।