ज्योति मर्डर केसः लोकेशन, रिलेशन नहीं हुआ साबित
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ज्योति मर्डर केस में सुबूत के तौर पर पेश मोबाइल लोकेशन, फोन पर हुई बातचीत और ज्योति से विधायक के रिश्ते की बात को अदालत में साबित नहीं किया जा सका। यही केस की कमजोर कड़ी रही, क्योंकि ज्यादातर दलीलें इन्हीं दो पहलुओं पर आधारित थीं।
करीब तीन सौ पन्ने के फैसले में दोनों पक्षों के कुल 105 गवाहों के दर्ज बयान भी इन पहलुओं पर आधारित थे। वकील एसएस सुखीजा ने बताया कि ज्योति हत्याकांड से विधायक राम कुमार चौधरी और उनके साथियों का कोई लेना देना नहीं था।
पेश गवाहों की दलीलें और सुबूतों के आधार पर भी यह बात नहीं साबित हो सकी कि ज्योति से विधायक का रिश्ता था। ब्लड सैंपल और मोबाइल एसएमएस की जांच में भी यह बात सामने आई कि ज्योति के कुछ और दोस्त थे।
कुचलने की बात भी नहीं हुई साबित
चार मिनट में टोल प्लाजा से नाडा साहिब और फिर छह मिनट में अंबाला तक पहुंचने को भी वकील ने बेबुनियाद करार दिया है।
वकील विशाल गर्ग नरवाना ने भी कहा कि मोबाइल कॉल्स और लोकेशन के आधार पर इस बात को साबित नहीं किया जा सका कि घटना की रात ज्योति की किससे बातचीत हुई। इस दौरान टावर लोकेशन और गवाहों के बयान भी मैच नहीं करने की वजह से हत्या को साबित नहीं किया जा सका।
वकील एएस सुखीजा ने कहा कि हत्या के बाद ज्योति के शव के ऊपर से ट्रक गुजरा था, यह बात भी साबित नहीं हो सकी। एसीपी वीरेंद्र सांगवान ने भी बयान में कहा है कि ज्योति के शव के उपर से ट्रक नहीं गुजरा था, बल्कि वह फिसल कर एक किनारे पर पहुंच गई थी।
विधायक की पत्नी ने दी गिफ्ट
अदालत में फैसला करीब 1.30 आया तो पति-पत्नी एक-दूसरे से गले मिलते नजर आए। हरेक के चेहरे पर खुशी थी तो ज्योति के पिता बूटी राम अदालत परिसर से बाहर निकलने के लिए तैयार नहीं थे। करीब एक घंटे बाद विधायक रामकुमार चौधरी की पत्नी निधि पहुंची और अपने पति को गले लगाया। इसके बाद चौधरी ने उनसे कुछ बातें की और उनकी पत्नी वहां से रवाना हो गईं।
रिहाई से खुश राम कुमार की पत्नी ने आडी कार गिफ्ट दी। इसी सफेद गाड़ी की ओपन छत पर सवार होकर रामकुमार ने शक्ति प्रदर्शन किया। चर्चा है कि यह गाड़ी अभी तीन दिन पहले ही लांच हुई है। इसकी कीमत 70 लाख के करीब है।
पढ़िए मामले की ये अहम बातें
22 नवंबर 2012 : पंचकूला में होशियारपुर की युवती ज्योति का पंचकूला में ट्रक से कुचला हुआ शव मिला। ज्योति के पर्स से चौधरी राम कुमार का विजिटिंग कार्ड मिला
24 नवंबर 2012 : ज्योति के पिता ने चौधरी राम कुमार पर हत्या का आरोप लगाया। साथ में उनकी बड़ी बेटी की शादी में राम कुमार की तस्वीर भी कोर्ट में दिखाई
25 नवंबर 2012 : बद्दी में चौधरी के घर में पंचकूला पुलिस ने रेड की
20 दिसंबर 2012 : हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित हुआ। चौधरी राम कुमार विधायक बने। इस दौरान चौधरी राम कुमार अचानक सायं चार बजे विजय जुलूस में शामिल हुए और हरिपुर गुरुद्वारा में माथा टेका
21 दिसंबर 2012 : पंचकूला कोर्ट ने चौधरी का अरेस्ट वारंट जारी किया
8 जनवरी 2013 : चौधरी ने स्वयं ही पंचकूला कोर्ट के समक्ष सरेंडर किया
16 जनवरी 2013 : हिमाचल कांग्रेस ने चौधरी राम कुमार को पार्टी से निष्कासित किया
19 मार्च 2013 : ज्योति के पिता बूटीराम की शिकायत पर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट पंचकूला ने पुलिस से जांच रिपोर्ट तलब की
20 जुलाई 2013 : कोर्ट ने ज्योति की हत्या पर चौधरी व उसके साथियों पर चार्ज फ्रेम किए
11 सितंबर 2014 : कोर्ट ने चौधरी राम कुमार व उसके साथियों को सभी आरोपों से बरी किया