वी रामासुब्रमण्यन बने हिमाचल हाईकोर्ट के 24वें मुख्य न्यायाधीश
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न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 24वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राजभवन में उन्हें एक सादे समारोह में शपथ दिलवाई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी इस दौरान मौजूद रहे।
राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह का मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने संचालन किया। उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट ऑफ अपाइंट्मेंट पत्र पढ़ा।
न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन का जन्म 30 जून, 1958 में हुआ। 16 फरवरी, 1983 को अधिवक्ता के रूप में काम शुरू किया। लगभग 23 वर्षों तक मद्रास हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की।
न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यन शहर एवं लघु मामलों, राज्य उपभोक्ता आयोग एवं जिला उपभोक्ता फोरम, राज्य प्रशासनिक ट्रिब्यूनल, चेन्नई इन सर्विस, नागरिक एवं संवैधानिक मामलों और सेवा संबंधी मामलों के विशेषज्ञ हैं।
ये गणमान्य रहे मौजूद
31 जुलाई, 2006 को उन्हें मद्रास उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 9 नवंबर, 2009 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 27 अप्रैल, 2016 को उन्हें तेलंगाना और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय स्थानांतरित किया। एक जनवरी, 2019 को तेलंगाना उच्च न्यायालय का इन्हें न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
शपथ ग्रहण समारोह में विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, उत्तराखंड के मुख्य न्यायधीश रमेश रंगानाथन, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायधीश, मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, महाधिवक्ता अशोक शर्मा, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डीवीएस राणा, पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी, नगर निगम की महापौर कुसुम सदरेट सहित विभिन्न निगमों व बोर्डों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।