{"_id":"641168b068fa61b137038743","slug":"junior-office-assistant-post-code-817-candidates-paidal-march-from-hamirpur-to-shimla-2023-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"JOA IT 817: जेओए-आईटी अभ्यर्थियों में आक्रोश, हमीरपुर से शिमला के लिए पैदल मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
JOA IT 817: जेओए-आईटी अभ्यर्थियों में आक्रोश, हमीरपुर से शिमला के लिए पैदल मार्च
Wed, 15 Mar 2023 05:56 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 15 Mar 2023 05:56 PM IST
सार
अभ्यर्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 60 दिन के भीतर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। 90 दिन के बाद भी प्रदेश सरकार निर्णय नहीं ले पाई है।
विज्ञापन
अभ्यर्थियों का हमीरपुर से राजधानी शिमला के लिए पैदल मार्च।
- फोटो : संवाद
विस्तार
पोस्ट कोड- 817 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट-आईटी भर्ती प्रक्रिया में बरती जा रही सुस्ती को लेकर अभ्यर्थियों में रोष है। बुधवार को पांच दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हमीरपुर चयन आयोग से पक्का भरो, कृष्णानगर, हीरानगर, गांधी चौक और भोटा चौक से रवाना होते हुए इन अभ्यर्थियों ने राजधानी शिमला तक पैदल मार्च की शुरूआत की।
विज्ञापन
इस पैदल मार्च के दौरान जगह-जगह पर अन्य अभ्यर्थी जुड़ते जाएंगे। अभ्यर्थियों पंकज ठाकुर, सुनील कुमार, अजय कुमार और विनोद शर्मा ने कहा कि प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने वर्ष 2020-21 में पोस्ट कोड-817 जेओए आईटी के 1,867 पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे थे। प्रदेश भर से एक लाख के करीब युवाओं ने इन पदों के लिए आवेदन किया। आवेदन करने के बाद आयोग ने 21 मार्च 2021 को लिखित परीक्षा हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए आयोग ने पहले एक फरवरी से 24 फरवरी 2022 और उसके बाद दो मार्च और 22 जून 2022 को स्किल टेस्ट भी करवाया। लिखित और स्किल टेस्ट में उत्तीर्ण 4,335 अभ्यर्थियों के लिए एक अगस्त से 31 अगस्त 2022 तक पंद्रह अंकों की मूल्यांकन परीक्षा करवाई गई।
अभी तक अंतिम परिणाम घोषित नहीं किया गया। इस संदर्भ में शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से जेओए आईटी अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल मिला था। जिस पर मुख्यमंत्री ने 60 दिन के भीतर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। 90 दिन के बाद भी प्रदेश सरकार निर्णय नहीं ले पाई है।
इसके चलते अभ्यर्थियों को मानसिक परेशानी से जूझना पड़ रहा है। कई अभ्यर्थी ओवरऐज हो रहे हैं। कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी समेत घर पर दिन रात एक कर परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को समय पर नौकरियां नहीं मिल रहीं। प्रदेश सरकार ने चंद अभ्यर्थियों की गलती के कारण पूरे चयन आयोग को भंग कर दिया है। यह तर्कसंगत नहीं। अभ्यर्थियों ने कहा कि इस बात की क्या गारंटी है कि प्रदेश लोक सेवा आयोग में पूरी पारदर्शिता बरती जाती है।
सरकार को जरूरी कदम उठाते हुए चयन आयोग को बहाल करना चाहिए। हजारों पदों पर होने वाली जो भर्तियां लटकी हुई हैं, उनकी प्रक्रिया फिर से शुरू हो सके। पैदल मार्च के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह हमीरपुर पुलिस तैनात रही।