एम्स को बनकर तैयार होने में लगेगा इतना समय, 1500 करोड़ रुपये होंगे खर्च
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बिलासपुर के कोठीपुरा में एम्स के निर्माण की प्रकिया जल्द पूरी की जाएगी। एम्स का प्लान, जमीन, डिजाइन और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में एक साल लग जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि बिलासपुर के कोठीपुरा में चार साल में एम्स बन कर तैयार हो जाएगा।
अगले तीन सालों में भवन, सभी तरह की बीमारियों से संबंधित विभाग, स्टाफ और अत्याधुनिक उपकरण स्थापित कर दिए जाएंगे। एम्स पर 1500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, लेकिन इसकी राशि आवश्यकता अनुसार बढ़ भी सकती है।
नड्डा ने कहा कि शेष 40 एकड़ जमीन भी एम्स के नाम हो जाएगी। प्रदेश सरकार से बात हो चुकी है। सकारात्मक संकेत मिले हैं। एम्स की साइट का निरीक्षण करने के बाद सोमवार को जेपी नड्डा ने पत्रकारों से बताया कि यह एक मॉडल संस्थान होगा।
डिजाइन का कार्य पांच हजार करोड़ तक का काम करने वाली कंपनी को दिया जाएगा। जमीन का निरीक्षण करने के बाद अब दिल्ली में संबंधित अधिकारियों और डिजाइन-प्लान बनाने वाली कंपनी के अधिकारियों से बैठक होगी।
इसके बाद निर्माण कार्य के टेंडर होंगे। टेंडर 10 हजार करोड़ काम करने का अनुभव रखने वाली कंपनी को ही दिया जाएगा। नड्डा ने कहा कि बिलासपुर में मोदी की रैली ऐतिहासिक थी। पीएम ने भी इस रैली के फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए। हालांकि, अमित शाह के बेटे पर लगे आरोपों के सवाल को नड्डा हंसते हुए टाल गए।
एम्स में मरीज पहुंचते ही परिजनों की टेंशन खत्म
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने बताया कि सबसे बड़े संस्थान एम्स में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। मरीज के एम्स में पहुंचते ही परिजनों की टेंशन खत्म हो जाएगी। संस्थान में मरीजों, तीमारदारों और डॉक्टरों के लिए अलग-अलग रास्ते होंगे ताकि अफरातफरी की स्थिति न हो। जैसी बीमारी होगी मरीज को उसी रास्ते भेजा जाएगा। हर बीमारी का इलाज होगा। किसी भी मरीज को प्रदेश से बाहर नहीं भेजा जाएगा।