आतंकी हमले में सूबेदार शहीद, रात को गश्त से लौटते वक्त हुआ हमला
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सेंट्रल कश्मीर में बडगाम जिले के ड्रांग में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना के जेसीओ सूबेदार राज कुमार शहीद हो गए हैं। सूचना के अनुसार जब शहीद राज कुमार रात्रि गश्त के बाद डयूटी से लौट रहे थे, तभी आतंकवादियों ने उन पर हमला कर दिया। लेकिन जवाबी कार्रवाई और आतंकियों से लोहा लेते सूबेदार राज कुमार बूरी तरह जख्मी हो गए।
आतंकी हमले में शहीद राज कुमार को कई गोलियां लगी थी। इसके बाद उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और अस्पताल भेजा गया, लेकिन बूरी तरह जख्मी होने के कारण गंभीर हालत में उनकी मृत्यु हो गई।
ड्रांग में तैनात शहीद राज कुमार राष्ट्रीय राइफल की 53वीं ईकाई में सूबेदार थे। उनका जन्म 9 मार्च 1970 को हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में नूरपुर तहसील के तहत आने वाले गांव खन्नी में हुआ। 47 वर्षीय शहीद राज कुमार ने 1990 में आर्मी ज्वाइन की थी।
शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव के लिए रवाना
शहीद राज कुमार अपने पीछे वे अपने पीछे पत्नी तोशी और दो बेटे मोहित और रोहित छोड़ गए हैं। उनकी सेना में करीब डेढ़ साल की सेवा बची थी। पिता ध्यानचंद और माता का पहले ही देहांत हो चुका है।
आतंकवादी हमले में राज कुमार के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद उनके पैतृक गांव में शोक की लहर है। लेकिन देश के लिए अपने प्राण देने वाले शहीद राज कुमार पर परिजन और क्षेत्रवासी गर्व महसूस कर रहे हैं।
शहीद राजकुमार के भाई और खन्नी पंचायत के प्रधान सरदारी लाल ने बताया कि उन्हें देर रात राजकुमार के शहीद होने का समाचार मिला। उन्हें भाई की शहादत पर फख्र है।
शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार शाम पैतृक गांव पहुंच गया है। मंगलवार सुबह 11 बजे छन्नी गांव में शहीद का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। दु:ख की इस घड़ी में सेना शहीद शोक संतप्त परिवार के साथ एकजुटता में खड़ी है और अपनी गरिमा के लिए प्रतिबद्ध है।