राजधानी के पानी में मिला ये बैक्टीरिया, संभल जाइए हो रहा है सेहत से खिलवाड़
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शहर के पेयजल में पीलिया और शरीर के आंतरिक अंगों में इंफेक्शन फैलाने वाला बैक्टीरिया मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। न्यू शिमला, फागली और संजौली के नार्थ ओक स्थित पेयजल टैंक से लिए पानी के सैंपल फेल हो गए हैं। आईजीएमसी से मिली ताजा रिपोर्ट के अनुसार इन पेयजल टैंकों में पीलिया और इंफेक्शन फैलाने वाला सिट्रोबेक्टर बैक्टीरिया पाया गया है।
इसके अलावा शहर के कई सार्वजनिक नलों के पानी में भी यह बैक्टीरिया मिला है। नाभा की तिब्बती कालोनी और संजौली चौक स्थित सार्वजनिक नल के पानी में भी बीमारियां फैलाने वाला बैक्टीरिया पाया गया है। उधर, चलौंठी के हैंडपंप और बावड़ी से लिए पानी के सैंपल भी फेल हो गए हैं।
इन दोनों का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया है। संजौली रिजरवायर के सैंपल भी फेल पाए गए हैं। वहीं, यूवी ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के बावजूद अश्वनी खड्ड स्थित ट्यूबवेल टू के अनट्रीटेड और ट्रीटेड पानी के सैंपल फेल हो गए हैं।
निगम ने जारी की एडवायजरी
बरसात के दौरान शहर में गंदे पानी की सप्लाई से शहरवासियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। महीने के भीतर दूसरी बार पेयजल में ऐसे बैक्टीरिया के सामने आने के बाद निगम ने लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी है।
निगम के स्वास्थ्य अधिकारी एचआर ठाकुर ने कहा कि इन टैंकों से दोबारा सैंपल लिए जाएंगे। कहा कि बरसात के मौसम में शहरवासी उबालकर ही पानी पीएं। कई बार सैंपलिंग में गलती हो जाती है। दोबारा लिए सैंपल की रिपोर्ट भी यदि ठीक नहीं आती है तो सप्लाई रोकी जा सकती है।
आईजीएमसी के विशेषज्ञों के अनुसार सिट्रोबेक्टर कोसरी बैक्टीरिया न सिर्फ पीलिया फैला सकता है बल्कि शरीर के आंतरिक अंगों में इंफेक्शन भी फैलाता है। कई बार क्लोरीनेशन के बावजूद पानी में यह बैक्टीरिया रह जाता है। ऐसे में पानी उबालकर ही पीएं।
महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए रोजाना सैंपलिंग कर रहे हैं। इनकी रिपोर्ट खराब आती है तो वहां दोबारा सैंपल लेते हैं। शहरवासी भी पानी उबालकर पीएं ताकि बरसात में बीमारियां फैलने का खतरा न रहे।