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डिनोटिफाई संस्थान: लोगों को 5 माह भी सुविधा नहीं दे पाया मरेड़ी में खुला जलशक्ति विभाग का उपमंडल कार्यालय
Thu, 09 Feb 2023 01:39 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, साहो (चंबा)
संवाद न्यूज एजेंसी, साहो (चंबा)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 09 Feb 2023 01:39 PM IST
सार
मरेड़ी में खुला जलशक्ति विभाग का उपमंडल कार्यालय बंद किए जाने से चंबा और मैहला की 15 पंचायतों के बाशिंदे 38 से 40 किलोमीटर की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
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चंबा के साहो का बंद किया गया जल शक्ति विभाग का उपमंडल कार्यालय।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
विधानसभा क्षेत्र चंबा की 15 पंचायतों के केंद्र बिंदु साहो स्थित मरेड़ी में खुला जलशक्ति विभाग का उपमंडल कार्यालय पांच महीने भी क्षेत्र के लोगों को सुविधा नहीं दे पाया। करीब पांच महीने के भीतर ही इसे बंद कर दिया गया। सुक्खू सरकार ने सत्ता संभालते ही जलशक्ति विभाग के इस उपमंडल कार्यालय को डिनोटिफाई कर दिया। सरकार के फरमान पर इस कार्यालय में सेवारत सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता समेत 83 फील्ड कर्मचारियों को जलशक्ति महकमे के उदयपुर स्थित सहायक अभियंता कार्यालय में शिफ्ट कर दिया गया।
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विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को तो महज 15 किलोमीटर दूर ही शिफ्ट किया गया, लेकिन सरकार के इस कदम से उपमंडल चंबा और मैहला की 15 पंचायतों के बाशिंदों को 38 से 40 किलोमीटर की दौड़ लगाने के लिए मजबूर कर दिया है। अब मरेड़ी स्थित लाखों खर्च कर बने भवन में सहायक और कनिष्ठ अभियंता के कार्यालयों में ताले लटके हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मरेड़ी में जलशक्ति विभाग का कार्यालय खोलने की घोषणा की थी। सीएम की घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए 18 अगस्त, 2022 को जलशक्ति विभाग के उपमंडल कार्यालय का सदर विधायक ने विधिवत उद्घाटन कर इसे जनता के सुपुर्द किया।
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कार्यालय खुलने के बाद लोगों को अपने घरों में नल लगवाने, पानी का मीटर लगवाने समेत जलशक्ति विभाग की विभिन्न कार्याें और शिकायतों के निस्तारण के लिए महज 6 से लेकर 14 किमी तक का सफर तय करना पड़ रहा था। इस कार्यालय का क्षेत्र के ग्रामीण अभी लाभ ही उठा रहे थे कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता आते ही 28 दिसबंर 2022 को इसे बंद करवा दिया।
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बता दें कि साहो स्थित मरेड़ी में जलशक्ति विभाग का उपमंडल कार्यालय खुलने से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। पंचायतों का केंद्र बिंदु होने के अलावा यहां पर ग्रामीणों को समयानुसार अपनी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए अधिकारी मिल जाया करते थे। ग्रामीणों की मानें तो हिमाचल में कांग्रेस सरकार के सत्तासीन होने पर द्वेष भावना से कार्य करते हुए कई विभागीय कार्यालयों पर ताला लटकाते हुए ग्रामीणों की मुश्किलों को बढ़ाने का काम किया है।
इन पंचायतों को मिल रहा था लाभ
सिल्लाघ्राट, कैला, घघरोथा, जड़ेरा, चंबी, सुंगल, पलूई, कीड़ी, सराहण, अठलुई, गुवाड़, रजिंडू, पल्यूर, परौथा और बाट के ग्रामीणों को जलशक्ति विभाग के उपमंडल कार्यालय साहो स्थित मरेड़ी का लाभ मिल रहा था।
लोगों के हितों को दरकिनार कर सरकारी कार्यालयों और संस्थानों को बंद करना न्यायोचित नहीं है। ये कार्यालय और संस्थान खोलने के लिए क्षेत्रवासियों की लंबे समय से यह मांग थी। तत्कालीन सरकार ने इन्हें खोल कर ग्रामीणों को राहत दी थी। - मनोज कुमार मनु, करियां वार्ड जिप सदस्य।
15 पंचायतों के केंद्र बिंदु में जलशक्ति विभाग का उपमंडल कार्यालय खुलने से लोगों को लाभ मिल रहा था। कांग्रेस सरकार ने द्वेष भावना से कार्य कर इसे बंद करवा दिया। सरकार के इस कदम से लोगों की मुसीबतें बढ़ गईं है। - अशोक कुमार, सराहण निवासी
ग्रामीणों को पानी का नल लगवाने और पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत करने के लिए 40 किमी का सफर कर विभाग के उदयपुर स्थित उपमंडल कार्यालय का रुख करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के लिए यह दौड़ समय और पैसे की दृष्टि से भारी पड़ रही है। - चमन सिंह, गुवाड़ निवासी
कांग्रेस सरकार जनहितैषी कामों के लिए जानी जाती है। लेकिन, जलशक्ति विभाग का उपमंडल कार्यालय बंद करवाने का सरकार का फरमान क्षेत्र ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा है। कार्यालय बंद होने से दूर-दराज के ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। - अब्दुला, बरौर निवासी