HP Budget Reactions: जयराम ने बजट को किया सिरे से खारिज, जानें किसने क्या कहा
कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले झूठ बोला और सत्ता में आने के बाद पहले बजट में किए गए वायदे के अनुसार कार्य नहीं हो पाए हैं। अब दोबारा झूठ बोलकर गुमराह किया जा रहा है।
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नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार के दूसरे बजट को सिरे से खारिज किया है। कहा कि बजट में फिर से झूठ बोलने और लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया है। कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले झूठ बोला और सत्ता में आने के बाद पहले बजट में किए गए वायदे के अनुसार कार्य नहीं हो पाए हैं। अब दोबारा झूठ बोलकर गुमराह किया जा रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भी गुमराह करने के लिए प्रयास किया गया। किसी भी वर्ग को राहत नहीं दी गई है।
हिमाचल की जनता इस बजट को पूरी तरह से नकारेगी। कर्मचारी हितैषी कहने की बात कही गई, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। कहा कि ओपीएस का भी बजट में कोई जिक्र नहीं है। 50 प्रतिशत लास्ट पेड ड्रोन पेंशन सुविधा को कम करने की दिशा में काम हो रहा है। इसे 30 फीसदी करने की योजना चल रही है।14 माह में कांग्रेस सरकार ने 14 हजार करोड़ रुपये ऋण लिया है। दूध की कीमतें नहीं मिल पाई हैं। हजारों खुले हुए संस्थान बंद किए हैं। राजस्व एकत्रित करने के लिए रास्ते क्या होंगे, इस बारे भी कुछ नहीं कहा। उन्होंने तंज कसा कि अपने नाम के साथ योजना का जिक्र करने से लाभ नहीं मिलता है। बेरोजगार और आउटसोर्स कर्मी धरने पर बैठे हैं। कर्मचारी समय पर वेतन न मिलने से परेशान हैं।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने बजट को बताया एतिहासिक
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने प्रदेश सरकार के बजट को ऐतिहासिक बताकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और मंत्रिमंडल को बधाई दी है। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर और महासचिव भरत शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों को 4 प्रतिशत डीए और एक मार्च से देय एरियर की घोषणा से कर्मचारियों में खुशी की लहर है। कहा कि एसएमसी अध्यापक और कंप्यूटर अध्यापकों के लिए 1900 रुपये मानदेय बढ़ाने की घोषणा की है। विश्वास है कि जल्द ही रेगुलर भी किया जाएगा। मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी 240 से 300 रुपये करना सरकार का बड़ा कदम है। गरीब बच्चों के लिए सुख शिक्षा योजना बड़ा कदम है। जिसमें गरीब बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की सरकार ने घोषणा की है। गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए 3 लाख तक आर्थिक सहायता भी एतिहासिक कदम है। उन्होंने प्रदेश के कर्मचारियों को दिए गए अन्य भत्तों के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
4 फीसदी डीए जारी करने पर सीएम का आभार: त्रिलोक
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर, महामंत्री राजीव चौहान, कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारी व जिला प्रधान ने चार फीसदी महंगाई भत्ता की किस्त दिए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वित्तीय संकट के बावजूद भी सीएम ने किस्त जारी कर कर्मचारियों को राहत दी है।
एसएमसी शिक्षकों ने मानदेय बढ़ाने का किया स्वागत, नियमितीकरण पर अड़े
प्रदेश के स्कूलों में सेवारत एसएमसी शिक्षक संघ ने सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से बजट में की गई 1900 रुपये मानदेय बढ़ाने की घोषणा का स्वागत किया है, लेकिन इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। राजधानी के सीटीओ चौक पर 27 जनवरी से क्रमिक अनशन और पेन डाउन स्ट्राइक पर चल रहे इन शिक्षकों ने एलान किया है कि वे आंदोलन को जारी रखेंगे और 19 फरवरी को नियमितीकरण की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर एकत्र होकर गुहार लगाएंगे। उन्होंने कहा कि एसएमसी शिक्षक कक्षाओं का बहिष्कार जारी रखेंगे। स्कूल जाएंगे, लेकिन पढ़ाने का कार्य नहीं करेंगे। संघ के अध्यक्ष सुनील शर्मा और प्रवक्ता निर्मल ठाकुर ने कहा कि बजट में एसएमसी शिक्षकों के मानदेय में 1900 रुपये की वृद्धि का स्वागत करते हैं, लेकिन नियमितीकरण की मांग पूरी नहीं होने से संतुष्ट नहीं हैं। इन शिक्षक नेताओं ने कहा कि 15-15 सालों से प्रदेशभर के दूरदराज क्षेत्रों में नाममात्र वेतन पर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। आज तक सरकार ने नियमित करने का फैसला नहीं लिया। मांग को लगातार नजरअंदाज किया है। कहा कि शिक्षक 27 जनवरी से क्रमिक अनशन और 8 फरवरी से पेन डाउन स्ट्राइक पर हैं। स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो रही है, बोर्ड परीक्षाएं होने वाली हैं। बहुत से स्कूल ऐसे हैं, जो एसएमसी शिक्षकों के सहारे हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी मांग और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने वाले असर को नजरअंदाज कर रही है। सुनील ने कहा कि 19 फरवरी को एसएमसी अध्यापक पूर्ण तौर पर कक्षाओं का बहिष्कार करेंगे। स्कूल नहीं जाएंगे और शिक्षक अपने परिवार के साथ विधानसभा के बाहर सरकार से गुहार लगाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने 12 फरवरी को उनके साथ बैठक कर सब कमेटी की रिपोर्ट रखकर 14 की कैबिनेट में ले जाने का भरोसा दिया था।
दूरदर्शी, नवोन्मेषी एवं किसान हितैषी है बजट : नरेश
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से प्रस्तुत किया गया दूसरा बजट दूरदर्शी, नवोन्मेषी एवं किसान हितैषी है। उन्होंने कहा कि विकट वित्तीय स्थितियों के बावजूद बजट में प्रत्येक वर्ग का ध्यान रखते हुए समाज में पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुंचाने का प्रयास झलकता है। यह बजट ग्रामीण हिमाचल की समृद्धि सुनिश्चित करेगा और किसान व बागवानों को इससे बड़े स्तर पर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देते हुए इसे स्वरोजगार से जोड़ने की पहल के दृष्टिगत राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्टअप योजना के तृतीय चरण में कई उपाय प्रस्तावित हैं। यह मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच के अनुरूप है।
अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने वाला बजट : प्रतिभा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत बजट का समर्थन करते हुए इसे संतुलित, विकासोन्मुख व पारदर्शी बताया है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि बजट में सभी वर्गों का खयाल रखा गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने व प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में यह बजट एक मील का पत्थर साबित होगा।
यूनिवर्सल कार्टन की व्यवस्था होने से बागवानों में खुशी की लहर : राठौर
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता व ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा शनिवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पेश किए बजट को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि सेब बिक्री के लिए यूनिवर्सल कार्टन की घोषणा ऐतिहासिक है। बागवान पिछले कई सालों से इसकी मांग कर रहे थे। उन्होंने खुद इस मामले को कई मर्तबा विधानसभा में उठाया है। राठौर ने कहा कि कर्मचारियों के लिए डीए की घोषणा की है जिसका वह पिछले काफी समय से इंतजार कर रहे थे। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के साथ किसान व बागवानों की आय बढ़ाने के लिए कई तरह के प्रावधान बजट में किए गए हैं। सरकार ने नई योजनाएं भी शुरू की है ताकि प्रदेश का विकास हो सकें। चार प्रतिशत महंगाई भत्ता और 1 अप्रैल से देय एरियर की घोषणा से कर्मचारियों को राहत मिली है।
हजारों का रोजगार छीन लिया, अब बोल रहे नौकरी देंगे : धूमल
भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि यह बजट कहीं प्रदेश के इतिहास में मात्र घोषणाओं का बनकर ही न रह जाए। केंद्र सरकार की योजनाओं पर अपना ठपा लगाकर, नया नाम देकर प्रदेश में लागू करने की घोषणा और बिना किसी धन आवंटन के जनता को खूबसूरत घोषणाओं के सब्जबाग दिखाना केवल बजट का सार है। सत्ता में आते ही जिस सरकार ने सैकड़ों शिक्षण संस्थान बंद कर दिए, अब वही पढ़ो हिमाचल की घोषणा कर रही है। जो खजाना खाली होने का राग अलाप स्कूल, संस्थान बंद कर रहे थे, अब वही बोल रहे हैं कि स्कूल आने जाने की व्यवस्था करेंगे। सत्ता संभालने के बाद हजारों का रोजगार छीन लिया और अब बोल रहे हैं नौकरी देंगे।
बजट पूर्ण रूप से निराशाजनक : डॉ. बिंदल
शिमला। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में पूंजीगत व्यय 6780 करोड़ रुपये था, जिसे घटाकर वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6280 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस तरह से आधारभूत ढांचा विकास के लिए विकास के बजट में कटौती सरकार की मंशा और समझ पर सवाल खड़े करती है। कहा कि हिमाचल का बजट पूर्ण रूप से निराशाजनक है।
प्रति व्यक्ति आय के आंकड़े गले नहीं उतर रहे : कश्यप
सांसद एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण की फर्जी रिपोर्ट दी है। जिस तरह से प्रदेश में आपदा आई। कृषि और बागवानी जैसे निकाय भारी आर्थिक नुकसान से गुजरे। उद्योगों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। ऐसे में प्रदेश की आर्थिक वृद्धि जो सरकार द्वारा बताई गई है, वह समझ के परे है। इसी तरह से प्रति व्यक्ति आय से लेकर प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़े भी गले से नहीं उतर रहे हैं।
बजट में आय के संसाधन जुटाने का कोई प्रावधान नहीं : शाद
राज्य कमेटी सचिव माकपा डाॅ. ओंकार शाद ने कहा कि सुक्खू सरकार का बजट नवउदारवादी नीतियों को बढ़ावा देने वाला है। बजट में आय के संसाधन जुटाने का कोई प्रावधान नहीं है। आय के अभाव में बजट में की गई घोषणाएं पूरा करना मुश्किल होगा। रोजगार के लिए कोई ब्लू प्रिंट नहीं है। शिक्षा क्षेत्र की अनदेखी है, कृषि संकट से निपटने के लिए कुछ नहीं है। मजदूरों के लिए केवल लीपापोती है। गाय भैंस के दूध के समर्थन मूल्य को 45 व 55 रुपये घोषित करना स्वागत योग्य है।