हिमाचल में प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना शुरू, हर माह मिलेगी पेंशन
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श्रमिकों के परिवारों के लिए श्रमयोगी मानधन योजना मील का पत्थर साबित होगी। इस योजना से असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों को 3 हजार रुपये मासिक पेंशन मिलेगी।
यह बात योजना के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी के भ्यूली में आयोजित कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर सीएम ने अधिकारियों को आदेश दिए कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचाया जाए।
इस योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिकों के पास आधार कार्ड, जन धन बैंक खाता या अन्य बैंक खाते हो, उनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से कम हो और आयु 18 से 40 वर्ष तक हो।
सरकार की तरफ से दिया जाएगा इतना अंशदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही में केंद्र ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दो हेक्टेयर या इससे कम भूमि वाले सभी कृषकों को 6 हजार रुपये प्रतिवर्ष उनके बैंक खाते में डालना सुनिश्चित किया है।
अब तक राज्य में इस योजना के तहत कृषकों के खातों में 30 करोड़ जमा किए जा चुके हैं। इस मौके पर श्रम आयुक्त एसएस गुलेरिया ने विस्तृत रूप से इस योजना की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि असंगठित क्षेत्र से जुड़े रिक्शा चालक, मिस्त्री, बीड़ी मजदूर, ईंट भट्ठा, चमड़ा उद्योग, हस्तशिल्प और हथकरघा में काम करने वाले श्रमिकों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
कुशल नेतृत्व में देश की सीमाएं सुरक्षित
श्रमिकों को 55 से 200 रुपये (आयु के अनुसार) तक मासिक अंशदान अदा करना होगा, जिसका लाभ उन्हें पंजीकरण के उपरांत पेंशन कार्ड के माध्यम से मिलेगा। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं।
इसका प्रमाण पुलवामा आतंकी हमले का पाकिस्तान को करारा जवाब है। उन्होंने कहा कि यह भारत के कूटनीतिक प्रयासों का ही प्रभाव है कि पाकिस्तान आज वैश्विक स्तर पर अलग-थलग हो गया है।