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Bulk Drug Park: राज्यसभा में उठा बल्क ड्रग पार्क का मुद्दा, पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद कार्यों में आई तेजी
Fri, 07 Aug 2026 09:30 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 07 Aug 2026 09:30 PM IST
सार
ऊना जिले के हरोली में 1000 करोड़ की केंद्रीय सहायता से विकसित हो रहे बल्क ड्रग पार्क की प्रगति पर राज्यसभा में सांसद हर्ष महाजन के सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने विस्तृत जानकारी दी है।
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राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली में 1000 करोड़ की केंद्रीय सहायता से विकसित हो रहे बल्क ड्रग पार्क की प्रगति पर राज्यसभा में सांसद हर्ष महाजन के सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने विस्तृत जानकारी दी है। सरकार ने बताया कि पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के निर्माण कार्यों में तेजी आई है। जलापूर्ति प्रणाली का करीब 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि सड़क नेटवर्क और कंपाउंड वॉल का 10 और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क का 12 फीसदी कार्य पूरा किया जा चुका है। परियोजना को समयबद्ध पूरा करने के लिए नियमित समीक्षा की जा रही है और योजना की अवधि वित्त वर्ष 2026-27 तक बढ़ा दी गई है।
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रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लिखित उत्तर में बताया कि 11 अक्तूबर 2022 को परियोजना के लिए 1000 करोड़ की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई थी। पहली किस्त के रूप में 225 करोड़ 20 फरवरी 2023 को जारी किए जा चुके हैं। वहीं, हिमाचल सरकार ने अपने हिस्से के 118.46 करोड़ स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 35.53 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। पार्क में जलापूर्ति प्रणाली, विद्युत अवसंरचना, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) विद जीरो लिक्विड डिस्चार्ज, स्टीम जनरेशन सिस्टम, कॉमन वेयरहाउस, सॉल्वेंट रिकवरी सिस्टम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी साझा आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सीईटीपी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्टीम सिस्टम, कॉमन वेयरहाउस, एडवांस्ड लेबोरेटरी टेस्टिंग सेंटर और अन्य प्रमुख परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं या फिर निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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केंद्र ने बताया कि पर्यावरण स्वीकृति, पेड़ों की कटाई की अनुमति और अन्य औपचारिकताओं के कारण परियोजना में देरी हुई। हालांकि 25 सितंबर 2025 को पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद अधिकांश कार्य और खरीद प्रक्रिया चरण में पहुंच गए हैं। योजना संचालन समिति, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और हिमाचल सरकार की हाई पावर्ड कमेटी नियमित समीक्षा कर रही है। सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क प्रदेश के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनेगा। इसके शुरू होने से फार्मा उद्योग को नई गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
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