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पंचायतों में दिए दो हजार पानी के कनेक्शनों पर बिठाई जांच
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शिमला। पेयजल कंपनी से पानी की सप्लाई ले रहे पंचायती क्षेत्र के सैकड़ों उपभोक्ताओं के कनेक्शनों की अब जांच की जाएगी। शहर से बाहर चल रहे पेयजल कनेक्शनों में फर्जीवाड़े की आशंका को देखते हुए कंपनी ने इन पर जांच बिठा दी है। अब हर कनेक्शन की वेरिफिकेशन की जाएगी।
उप महापौर के पेयजल बिल में गड़बड़ी होने के खुलासे के बाद कंपनी ने सभी कनेक्शनों की जांच का फैसला लिया है। कंपनी को आशंका है कि कई और कनेक्शनों में भी इस तरह की गड़बड़ी हो सकती है। शहर से सटी पंचायतों में कंपनी के 933 पेयजल उपभोक्ता हैं। इन्हें काफी साल पहले से पानी के कनेक्शन मिले हैं। सबसे ज्यादा उपभोक्ता संजौली और न्यू शिमला जोन से सटी पंचायतों में हैं। संजौली जोन के ढली, लंबीधार, चलौंठी, मशोबरा, छराबड़ा और भट्ठाकुफर के पंचायती क्षेत्र में नगर निगम के पानी के कनेक्शन चल रहे हैं। उधर, न्यू शिमला जोन में भी कंगनाधार, रझाणा, मैहली, शकराला, सरघीण, चैली और ब्योलिया इलाके में निगम पानी की सप्लाई दे रहा है। भराड़ी के केल्टी में भी निगम से सप्लाई मिल रही है। अब इन इलाकों को दिए कनेक्शनों की जांच होगी। पेयजल कंपनी के एजीएम अनिल जसवाल ने बताया कि पंचायती क्षेत्र में दिए गए सभी कनेक्शनों की अब जांच की जा रही है। इनका रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है।
भट्ठाकुफर में भी पकड़े गए थे फर्जी कनेक्शन
शहर से बाहर पंचायती क्षेत्र में पेयजल कनेक्शन फर्जीवाड़े का खुलासा बीते महीने भी हुआ था। भट्ठाकुफर की उदय वेलफेयर सोसायटी में कई फर्जी कनेक्शन पकड़े गए थे। सोसायटी के लिए बिछी पेयजल लाइन में कई लोगों को अवैध तौर पर पानी के कनेक्शन दिए गए थे। बाद में पकड़े जाने पर कंपनी ने इन्हें काट दिया था। अब लंबीधार में दिए एक कनेक्शन में सस्ती दरों पर पानी के बिल देने का मामला सामने आया है। नियमानुसार यहां शहर की तर्ज पर सस्ता पानी नहीं दे सकते।
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पंचायतों में दो साल से बंद हैं नए कनेक्शन
शहर से सटी पंचायतों में अब नगर निगम नए कनेक्शन नहीं दे रहा। दो साल से पंचायतों में नए कनेक्शन देने पर रोक लगी हुई है। कंपनी के निदेशक मंडल ने शहर में पानी की कमी को देखते हुए पंचायतों में नए कनेक्शन लगाने पर रोक लगा रखी है। कंपनी के पास इन क्षेत्रों के पांच सौ से अधिक नए आवेदन लंबित हैं।
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उप महापौर के पेयजल बिल में गड़बड़ी होने के खुलासे के बाद कंपनी ने सभी कनेक्शनों की जांच का फैसला लिया है। कंपनी को आशंका है कि कई और कनेक्शनों में भी इस तरह की गड़बड़ी हो सकती है। शहर से सटी पंचायतों में कंपनी के 933 पेयजल उपभोक्ता हैं। इन्हें काफी साल पहले से पानी के कनेक्शन मिले हैं। सबसे ज्यादा उपभोक्ता संजौली और न्यू शिमला जोन से सटी पंचायतों में हैं। संजौली जोन के ढली, लंबीधार, चलौंठी, मशोबरा, छराबड़ा और भट्ठाकुफर के पंचायती क्षेत्र में नगर निगम के पानी के कनेक्शन चल रहे हैं। उधर, न्यू शिमला जोन में भी कंगनाधार, रझाणा, मैहली, शकराला, सरघीण, चैली और ब्योलिया इलाके में निगम पानी की सप्लाई दे रहा है। भराड़ी के केल्टी में भी निगम से सप्लाई मिल रही है। अब इन इलाकों को दिए कनेक्शनों की जांच होगी। पेयजल कंपनी के एजीएम अनिल जसवाल ने बताया कि पंचायती क्षेत्र में दिए गए सभी कनेक्शनों की अब जांच की जा रही है। इनका रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है।
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भट्ठाकुफर में भी पकड़े गए थे फर्जी कनेक्शन
शहर से बाहर पंचायती क्षेत्र में पेयजल कनेक्शन फर्जीवाड़े का खुलासा बीते महीने भी हुआ था। भट्ठाकुफर की उदय वेलफेयर सोसायटी में कई फर्जी कनेक्शन पकड़े गए थे। सोसायटी के लिए बिछी पेयजल लाइन में कई लोगों को अवैध तौर पर पानी के कनेक्शन दिए गए थे। बाद में पकड़े जाने पर कंपनी ने इन्हें काट दिया था। अब लंबीधार में दिए एक कनेक्शन में सस्ती दरों पर पानी के बिल देने का मामला सामने आया है। नियमानुसार यहां शहर की तर्ज पर सस्ता पानी नहीं दे सकते।
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पंचायतों में दो साल से बंद हैं नए कनेक्शन
शहर से सटी पंचायतों में अब नगर निगम नए कनेक्शन नहीं दे रहा। दो साल से पंचायतों में नए कनेक्शन देने पर रोक लगी हुई है। कंपनी के निदेशक मंडल ने शहर में पानी की कमी को देखते हुए पंचायतों में नए कनेक्शन लगाने पर रोक लगा रखी है। कंपनी के पास इन क्षेत्रों के पांच सौ से अधिक नए आवेदन लंबित हैं।