रियासतकालीन राजदेवता माधोराय की अगुवाई में शाही अंदाज में रविवार को निकली जलेब के साथ हिमाचल प्रदेश के मंडी का महाशिवरात्रि महोत्सव शुरू हो गया। परंपरा के अनुसार जलेब में माधोराय की पालकी के आगे-पीछे एक दर्जन से अधिक देवी-देवताओं के रथ साथ चले। ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की धुनों से छोटी काशी गूंज उठी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी के अराध्य देव बाबा भूतनाथ व राज देवता माधोराय की पूजा-अर्चना कर जलेब में शिरकत की। इसके बाद जलेब में देवी देवताओं, देवलुओं, कारदारों के साथ सीएम पैदल जलेब के साथ पड्डल पहुंचे। पड्डल ग्राउंड में ध्वजारोहण कर सात दिवसीय महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। शोभायात्रा में सबसे पहले पुलिस की घुड़सवारी, पुलिस जवानों, होमगार्ड बैंड मार्च पास्ट करते हुए चले। मंडी शिवरात्रि के लिए बड़ी संख्या में देवी-देवता पहुंचे हैं। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर देवलुओं के साथ देवी-देवता मंडी पहुंचे। देव मिलन से मंडी शहर आस्था और भक्ति के माहौल से सरोबार हो उठा।
मंडी शिवरात्रि महोत्सव: शाही अंदाज में निकली राज देवता माधोराय की जलेब, देव मिलन का दिखा भव्य नजारा
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राज देवता माधोराय के दरबार से अपराह्न 3:18 बजे शुरू हुई जलेब के साथ देव रथों में छानणू-छमाहूं देवता सबसे आगे, देव शेष नाग सबसे पीछे चले। देव घटोत्कच कोटलू और मार्कंडेय सराज, देव विष्णु मतलोड़ा, देवी अंबिका, शैटी नाग, मगरू महादेव, लक्ष्मी नारायण, बिठ्ठू नारायण, ब्रह्मदेव तुंगासी महामाया, चुंजुवाला, देवी नाऊ की अंबिका, देव नाग चपलांदू, देव खुड्डीजल, गढ़पति तुगांसी, देव चपलांदू, आदि शक्ति महामाया, देव पशाकोट, देव हुरंग नायायण, घटौणी नारायण के देव रथों ने जलेब में शिरकत की। जलेब 5:00 बजे पड्डल मैदान पहुंची।
181 देवी-देवता मंडी पहुंचे
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के शुभारंभ तक छोटी काशी में अब तक 181 देवी-देवता मंडी में पहुंच चुके हैं। वहीं दस से अधिक देवी-देवता सोमवार को यहां पहुंचेंगे। उनके आगमन के चलते पड्डल मैदान में देव समागम शुरू हो गया है। अब इस मैदान पर भी देव ध्वनियां पूरा दिन गूंजेंगी। पहले दिन पड्डल मैदान में बनाए देव स्थलों पर 25 देवी-देवताओं ने स्थान ग्रहण कर लिया।
उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद भी दिया। सोमवार को सभी देवी-देवता पड्डल मैदान में अपने-अपने स्थानों पर विराजमान हो जाएंगे। कुछ देवी-देवताओं का स्थान प्रभावित होने के बाद प्रशासन और देवता कमेटी द्वारा उनको नए स्थान उपलब्ध करवाए हैं। अब दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु जहां देवी-देवताओं के पास शीश नवाएंगे वहीं सेह मैदान में सजे मेले का भी लुत्फ उठाएंगे।
मेला स्थल पड्डल मैदान रविवार को पूरी तरह से सज गया है। शनिवार को मैदान पर बहुत सी दुकानें अभी आधी-अधूरी ही थी। रविवार को मैदान में सभी दुकानें स्टॉल और प्रदर्शनियां सज गई हैं। जलेब से पहले और बाद में मैदान में लोगों ने कुछ खरीदारी की लेकिन सोमवार को मेले में खूब भीड़ होने की उम्मीद है। दिनभर झूलों पर बच्चों और युवाओं को खूब मस्ती करते हुए देखा गया। रविवार का दिन होने के चलते बहुत से क्षेत्र से बसों की सुविधा नहीं होने के चलते अधिक लोग मेले तक नहीं पहुंच पाए।